नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) उभरते पिस्टल निशानेबाज सम्राट राणा और सुरुचि सिंह, एशियाई स्वर्ण पदक विजेता लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और विश्व चैंपियन पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत उन आठ खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें हाल में प्रदर्शन के आकलन के बाद ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टीओपीएस) के कोर ग्रुप में शामिल किया गया है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बैडमिंटन स्टार एच एस प्रणय, पूर्व एशियाई स्वर्ण पदक विजेता राइफल निशानेबाज दिव्यांश सिंह पंवार और पहलवान दीपक पूनिया जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को ‘प्रदर्शन के अपेक्षित मापदंडों’ को पूरा नहीं कर पाने के कारण कोर समूह से हटा दिया गया है।
‘टॉप्स’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन. एस. जोहल की अध्यक्षता में ‘मिशन ओलंपिक सेल’ (एमओसी) की 169वीं बैठक में सूची में फेरबदल किया गया।
सम्राट ने जहां पिछले साल 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में विश्व चैंपियन का खिताब जीता, वहीं सुरुचि ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार चार विश्व कप स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
ओलंपिक के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद ने इस साल की शुरुआत में अपना छठा विश्व खिताब जीता। पोलियो के कारण बाएं पैर में विकार की दिव्यांगता का शिकार यह 37 वर्षीय खिलाड़ी लगातार तीन डोपिंग परीक्षणों में अनुपस्थित रहने के उल्लंघन के लिए तीन साल के निलंबन के बाद पिछले साल प्रतियोगिता में लौटा है।
इस सूची में शामिल होने वाले एक अन्य खिलाड़ी इस वर्ष के एशियाई रजत पदक विजेता राइफल निशानेबाज नीरज कुमार हैं। हालांकि, पूर्व एशियाई स्वर्ण पदक विजेता शिव नरवाल को सूची में हुए कुछ बदलावों और नए नामों के शामिल होने के बाद 56 सदस्यीय मुख्य समूह से बाहर कर दिया गया है।
पिछले साल गुलवीर के शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें विकास स्तर (डेवलपमेंटल लेवल) से मुख्य स्तर पर पदोन्नत किया जाना बिल्कुल उचित था। वे 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं।
उन्होंने पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में दोनों स्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया था।
इसके साथ ही बैडमिंटन मिश्रित युगल जोड़ी तनीशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला तथा पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम फेदरवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज जैस्मीन लंबोरिया को भी विकासात्मक स्तर से मुख्य स्तर पर पदोन्नत किया गया है।
टॉप्स कोर समूह के खिलाड़ियों को 50,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलता है। इसके साथ ही उन्हें विदेशों में प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के दौरान प्रतिदिन 25 डॉलर भी मिलते हैं।
टॉप्स की विकास समूह सूची में 22 मुक्केबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें 14 महिलाएं हैं। इनमें विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता परवीन (महिला 60 किलोग्राम), अरुंधति (महिला 70 किलोग्राम) और हितेश गुलिया (पुरुष 70 किलोग्राम) सहित अन्य मुक्केबाज शामिल हैं।
सूत्र ने बताया, ‘‘इसका उद्देश्य भविष्य के ओलंपिक खेलों के लिए मुक्केबाजों की एक मजबूत टीम तैयार करना है, और विकास समूह में बड़ी संख्या में मुक्केबाजों को शामिल करना एक महत्वपूर्ण कदम होगा।’’
वर्तमान में 130 खिलाड़ियों की विकास सूची में 13 निशानेबाजों को भी शामिल किया गया है।
विकास समूह के खिलाड़ियों को 25,000 रुपये का भत्ता और विदेश में प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिताओं के दौरान अतिरिक्त 25 डॉलर दिए जाते हैं।
कोर और विकास समूह दोनों के खिलाड़ियों का मूल्यांकन कम से कम छमाही आधार पर किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका प्रदर्शन, फिटनेस और स्तर निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं।
भाषा आनन्द नमिता
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