रायपुर/कोरापुट। छत्तीसगढ़ से लगे ओडिशा के कोरापुट जिला में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी पर बड़ी चोट करते हुए करीब 200 करोड़ रुपये का गांजा तेल जब्त किया है। एक ही दिन में हुई दो बड़ी कार्रवाइयों ने तस्करी नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है।
क्या है “गांजा तेल” और क्यों है इतना महंगा?
गांजा तेल (Cannabis Oil) असल में गांजा (Cannabis) पौधे से निकाला गया केंद्रित अर्क होता है। इसमें THC (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल) की मात्रा अधिक होती है, जो नशे का मुख्य कारण है।
कीमत क्यों आसमान छूती है?
कच्चे गांजे की तुलना में तेल में नशे की मात्रा कई गुना ज्यादा होती है
कम मात्रा में भी “हाई वैल्यू” – यानी कम जगह में ज्यादा कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी डिमांड अधिक
अवैध प्रोसेसिंग के कारण जोखिम और कीमत दोनों बढ़ते हैं
👉 पुलिस के मुताबिक, जब्त 1800 लीटर गांजा तेल की कीमत 200 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।
कैसे बनाई जा रही थी यह “ड्रग फैक्ट्री”?
सूत्रों के अनुसार, आंध्र-ओडिशा बॉर्डर पर स्थित जालपुट जलाशय के पास एक अस्थायी प्रोसेसिंग यूनिट में:
गांजे से तेल निकाला जा रहा था
जंगल और दूरदराज इलाके का फायदा उठाया जा रहा था
तैयार तेल को दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था
इस कार्रवाई को कंवर विशाल सिंह (DIG) के निर्देश और रोहित वर्मा (SP) के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
तस्करी का नया तरीका: “कम माल, ज्यादा दाम”
पहले तस्कर:
ट्रकों, फलों की गाड़ियों या छुपे चैंबर में गांजा ले जाते थे
अब:
गांजे से तेल बनाकर छोटी मात्रा में बड़े नेटवर्क तक सप्लाई
पकड़ना मुश्किल, मुनाफा कई गुना
दूसरी बड़ी कार्रवाई
नंदपुर थाना क्षेत्र में
1144 किलोग्राम गांजा जब्त
अनुमानित कीमत: 5 करोड़ रुपये+
पुलिस के अनुसार, यह खेप दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी में थी।
उपयोगिता बनाम खतरा
गांजा तेल के कुछ मेडिकल उपयोग (कानूनी और नियंत्रित परिस्थितियों में) बताए जाते हैं, जैसे:
दर्द नियंत्रण
कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में सीमित उपयोग
लेकिन अवैध रूप में:
यह खतरनाक नशा बन जाता है
युवाओं में लत और मानसिक समस्याएं बढ़ाता है
संगठित अपराध को बढ़ावा देता है
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब:
तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है
अंतरराज्यीय लिंक खंगाले जा रहे हैं
निष्कर्ष
यह मामला साफ दिखाता है कि ड्रग माफिया अब टेक्निकल और हाई-वैल्यू तरीकों की ओर शिफ्ट हो चुके हैं। गांजा तेल जैसे प्रोडक्ट्स के जरिए कम जोखिम में ज्यादा कमाई का खेल खेला जा रहा है, जो कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।




















