पलायन: पिता 15 दिन से गायब, खोजने निकले बेटे ने ईंट भट्‌ठे में लगाई फांसी, परिजनों को लाश भी नहीं मिली

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छत्तीसगढ़। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक के गांव कुलिया में एक परिवार को पलायन करना महंगा पड़ गया। पिता ईंट भट्‌ठे में काम करने गया था, जो 15 दिन से गायब है। हाल ही में बेटे ने भी उसकी खोज में अपने परिवार के साथ पलायन किया। लेकिन, काम करने से पहले ही बेटे ने वहां जाकर आत्महत्या कर ली। यहां तक परिजनों को उनकी लाश भी नहीं मिल पाई। उत्तरप्रदेश के स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर उनकी पत्नी को लाश सौंप दी और वहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
यह है दर्दनाक पहलू:
ग्राम कुलिया के जानकी अपनी पत्नी के साथ नवंबर 2017 में उत्तरप्रदेश पलायन किया, कुछ ही दिन काम करने के बाद से वह वहां से अचानक गायब हो गया। परिजनों और उसके बेटे को यह खबर मिली। जानकी के बेटे संतोष ठाकुर आर्थिक तंगी के चलते अपने पिता को खोजने तो जा नहीं सकता था, इसलिए ईंट भट्‌ठा दलालों से पलायन करने के लिए वह 25 हजार रुपए एडवांस लिया और अपनी पत्नी के साथ होली 2018 मनाने के बाद वह अकबर जिले के एक ईंट भट्‌ठे में काम करने चला गया। वहां जब गया तो उसे दूर-दूर तक अपने पिता की खबर नहीं लगी। बताया गया है कि संतोष के पिता दूसरे जिले में काम करने गया था, संतोष के परिजनों ने बताया कि ईंट भट्‌ठें में जाने के बाद अक्सर अपने पिता की खोज करने के लिए परेशान और गुमशुम रहता था।
ऐसे था काम करने का दबाव
काम करने के लिए एडवांस लिया था, लेकिन पिता को खोजना भी एक कर्तव्य था, लेकिन काम के दबाव में वहां से हिलने तक नहीं दिया जा रहा था। कई बार वह काम से भागने का प्रयास करता रहा, तभी अचानक 15 मार्च 2018 की रात वह बाहर भागने में सफल हो गया। लेकिन दूर-दूर तक उसे खेत और खलिहान ही नजर आया। अंतत: ईंट भट्‌ठे से दो किमी दूर एक पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी।
इस वजह से हो रहा पलायन:
0 दरअसल, गांव में कोई भी सरकारी काम नहीं है।
0 कई महीनों से मनरेगा का कार्य बंद है।
0 सरकारी कार्यों की राशि मिलने में चार से पांच महीना का समय लगता है।
0 श्रमिक दलाल ऐसे पीड़ितों को खोजते हैं, जिनके पास आर्थिक परेशानी होती है।
0 इस परिवार के साथ भी कुछ ऐसा था। एडवांस के बतौर इस परिवार को राशि मिल गई।
यह भी जानिए:
0 मृतक का पूरा परिवार ग्राम कुलिया में रहता है।
0 लेकिन मृतक का शरीर को उप्र में जला दिया गया।
0 जबकि उक्त परिवार में दफनाने का रिवाज है।
0 हालांकि मृतक का अंतिम क्रियाक्रम ग्राम कुलिया में किया गया।

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