सुराज की सच्चाई : अफसर ड्यूटी में तैनात रहने प्रतिदिन फूंक रहे 27 लाख

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छत्तीसगढ़। लोक सुुराज समाधान शिविर 2018 में लोगों की समस्या हल करने विभागीय अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।   बता दें कि  राज्य के हर जिले में 45 से 50 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। बकायदा इन अफसरों को घर और ऑफिस से रोजाना 100 से 150 किमी सफर तय करने वाहन दी गई है। इस तरह प्रत्येक अफसर अपना एक सरकारी पर्सनल वाहन से शिविर तक पहुंच रहे हैं। पूरे प्रदेश  में  इन वाहनों का खर्च करीब 27 लाख रुपए प्रतिदिन हो रहा है।
– महासमुंद जिले को ही देख ले यहां 13 मार्च से लोक सुराज समाधान शिविर शुरू हुआ है, जो 31 मार्च तक चलेगा। यहां 50 अफसरों की ड्यूटी लोक सुराज में लगाई गई है। प्रत्येक अफसरों को एक सरकारी वाहन की पात्रता मिली है। इस तरह रोजाना करीब 1 लाख रुपए सिर्फ वाहन किराया में खर्च हो रहा है।

  • राशन कार्ड में नाम जोड़ने, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, उज्जवला योजना के अलावा सरकारी कार्यो में मजदूरी दिलाने जैसे लाखों आवेदन लोक सुराज में मिला है। इसके अलावा समस्या, शिकायत जैसे मामले नगण्य है। कई प्रकरण तो ऐसे हैं, समाधान के पहले ही निराकरण किया जा चुका है। इन समस्याओं के निराकरण के लिए लोक सुराज समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
  • यह भी जानिए…
    0 कई विभाग तो ऐसे हैं जिन्हें आवेदन भी नहीं मिला है।
    0 महासमुंद जिले में 32 जगहों पर 50 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।
    0 अर्थात 32 लाख रुपए सिर्फ वाहन में खर्च होना है
    0 इसके अलावा शासन से टीए, डीए के अलावा लाखों रुपए का वेतन अलग से खर्च।
    0 इस प्रदेश के 27 जिले में प्रतिदिन 27 लाख रोजाना खर्च हो रहा है, अर्थात वाहन में 6 करोड़ से अधिक खर्च हो रहा है।
    ऐसे हो रहा लोगों का समाधान
    0 किसी कर्मचारी की शिकायत मिलने पर निलंबन।
    0 खेत में लगे नलकूप से प्यास बुझाने का काम।
    0 राशन कार्ड में नाम जोड़ने, आवास और उज्जवला गैस देने का वादा।
    क्यो जरूरत पड़ी शिविर की
    0 महीनों से मजदूरों को सरकारी राशि नहीं मिली।
    0 आखिर क्यो राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ पा रहा है।
    0 उन्हीं शिकायतों को लोग शिविर में दे रहे हैं, जिसे वह कई बार कलेक्टर और मुख्यमंत्री जनदर्शन में दे चुके हैं।
    0 स्थिति यह है कि सरकार की योजनाओं के तहत प्रत्येक शिविर में नेताओं द्वारा उज्जवला गैस वितरण किया जा रहा है।
    देखिए कुछ उदाहरण जहां पहुंचे थे: अफसर
    0 प्रदेश में कुल आवेदन 2776187
    0 महासमुंद जिले में कुल आवेदन 94659
    0 इनमें से 80 फीसदी आवेदन, आवास, पेंशन, उज्जवला, राशन कार्ड और मजदूरी भुगतान से संबंधित है।
    महासमुंद जिले में एक नजर
    0 सरायपाली के चिवराकुटा में सिर्फ 21 आवेदन निराकरण करने जिला मुख्यालय से पहुंचे थे 25 विभागीय अफसर, इसके अलावा ब्लॉक स्तर के अफसरों की अलग मौजूदगी रही
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