विशेष: रविवार को पद्मिनी एकादशी, दिन में एक वक्त भोजन ग्रहण से मिलता है कई लाभ   

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इस दौरान सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा से मिलते हैं विशेष फल
वर्तमान कोरोना संकट काल में अधिक मास या मलमास (पुरूषोत्तम मास) कहे अभी चल रहा है। इस अवधि में खान-पान से लेकर पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। इस बीच शुक्ल पक्ष को एकादशी 27 सितंबर को पड़ रही है। अधिकमास में पड़ने वाली एकादशी को कमला एकादशी और पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। इन एकादशी का शास्त्र में बहुत अधिक महत्व है। एकादशी तिथि 27 सितंबर को सुबह 06:02 बजे से प्रारंभ होगी। और एकादशी तिथि 28 सितंबर को सुबह 07.50 मिनट पर समाप्त होगी। अर्थात इसका लाभ लेने के लिए आपकों करीब 25 घंटे का समय मिल रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय

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अधिकमास भगवान विष्णु का महीना है। इसलिए इस माह भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। इस व्रत को करने वाला हर प्रकार के दुखों से छूट जाता है और अंत में उसे बैकुंठ धाम अर्थात अच्छे सदगति की प्राप्ति होती है। इस रविवार को यह पद्मिनी एकादशी पड़ रही है, इसलिए इसका महत्व औऱ भी बढ़ गया है। अधिकमास तीन साल में एक बार आता है, उसी प्रकार यह एकादशी भी तीन साल में एक बार ही आती है।
इस दिन सुबह उठकर एक मन में संकल्प लेकर श्री नारायण का संकल्प लेते हुए पूरे दिन और समय तक भूखे पेट रहना चाहिए। हालांकि आप फलाहारी का उपयोग कर सकते हैं, इसलिए कि वह संकल्प में चढ़ाई गई स्वल्पाहार प्रसाद है।

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