महासमुंद: हाथी तार में फंसा नहीं लेकिन, आफत की भीड़ से हुआ तमाशबीन

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कई जंगलों में हाथियों का प्रवेश है। बीते चार पांच सालों में दो हाथियों की संदिग्ध मौत होने के साथ दर्जनों ग्रामीणों की हाथी से कुचलने से मौत हो चुकी है। अभी हाल ही में किशनपुर जंगल में एक हाथी की करेंट से चिपकने से मौत हुई थी। इस जिले में हाथी को लेकर कई किस्से भी देखने को मिले हैं। आज बुधवार कुछ ऐसा ही वाक्या एक बार फिर कुकराडीह में देखने को मिला, जहां पर एक हाथी खेत में घुसा हुआ था और खेत में लगाए गए तार घेरा से निकल नहीं पा रहा था। जिससे हाथी को जंगल की ओर जाने में परेशानी हो रहा था।
इस घटना की जानकारी होते ही आस-पास गांव के सैकड़ों लोग इस घटना को देखने के लिए पहुंच गए। इसमें दिलचस्प ये रहा कि खैरझिटी, परसाडीह और कुकराडीह के चारों ओर ग्रामीणों का जमवाड़ा हो गया। जिसके कारण हाथी को एक ही रास्ता दिख रहा था उसमें भी तार घेरा मौजूद था। जिसके आगे हाथी बढ़ नहीं रहा था। घंटों लोगों के लिए हाथी तमाशबीन बने रहे। हालांकि, कुछ देर बाद हाथी जैसे-तैसे कर जंगल में घुस गया।

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बताया जा रहा है हाथी कुकराडीह बंजर से निकलकर खैरझिटी होते हुए तेंदूवही तालाब से लगे खेत में प्रवेश किया था। चूकिं मौसम बदलने और ओंस गिरने के कारण सुबह 7 बजे अंधेरा था। इस कारण सुबह 8 बजे तक हाथी जंगल के भीतर प्रवेश नहीं किया था। जब तक ग्रामीण अपने खेत में पहुंच गए थे। और वहां से भगाने लगे इसी दौरान खेत के अंतिम छोर जंगल घुसने के रास्ते में तार घेरा से हाथी आगे बढ़ने का प्रयास तो कर रहा था, लेकिन बाहर नहीं निकल पा रहा था। इधर, सैकड़ों की भीड़ ने हाथी का दूसरे रास्ता को भी रोक दिया था। हाथी संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि इस घटना से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन ग्रामीणों को सावधान रहने के अलावा हाथियों को किसी तरह नुकसान न हो इससे बचने की जरूरत है।

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