मुख्यमंत्री जी ! छत्तीसगढ़ के मजदूरों को आपने सुरक्षित घर पहुंचाया, लेकिन एक बार फिर उन्हें बाहर भेजने की तैयारी में जुटे हैं दलाल

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दलालों ने बैठक कर तय किया कि एक मजदूर के पीछे शासन-प्रशासन के साथ पुलिस और पत्रकारों को  कितना और क्या गिफ्ट देना है।

बागबाहरा के टेमरी चंडी परिसर में मजदूर दलालों ने बैठक कर बनाया यूनियन

कोविड-19 के विकराल संक्रमण काल में बेहद ही संजीदगी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर काम करने गए मजदूरों को उनके घर तक सुरक्षित लाया। पूरा शासन-प्रशासन मुख्यमंत्री के मजदूर हितैषी इस अभियान को पूरा करने में गंभीरता के साथ जुटा रहा। मजदूर परिवार कभी भी यह भूल पाने की स्थिति में नहीं हैं कि प्रदेश के बाहर उन्हें कैसी-कैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सारे मजदूर छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी पहल को देखकर खुश रहे और यह संकल्प भी लिया था कि अब वे राज्य छोड़कर बाहर नहीं जाएंगे।

यह संकल्प उनका दृढ है इसलिए मजदूरों दलालों के माथे में चिंता की लकीरें तननी शुरू हो गई। चिंता के इसी क्रम की शुरुआत में ही इन दलालों ने भीमखोज के कोमा गांव स्थित एक फार्म हाउस में बैठक कर मजदूरों के संकल्प को तोड़ने का प्लान किया। जुलाई की इस बैठक में तय हुए निर्णय के अनुरूप दलालों ने उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दूसरे प्रांतों से लौटे मजदूरों के समक्ष काम और मेहनताने का हिसाब करते हुए शेष राशि वसूलने की लाठी घुमानी शुरू कर दी। विवश हुए मजदूर एक बार फिर दलालों के गिरफ्त में आ गए और यह तय हुआ कि दशहरा और दीवाली के बीच मजदूरों की पहली जुटिटयां एडवांस की राशि को अदा करने यूपी के ईंटभट्‌ठों में जाएंगे।

मजदूर टूटने से दलालों के चेहरे खिल उठे और एक नईं बैठक बागबाहरा ब्लॉक के टेमरी स्थित चंडी मंदिर परिसर में आहूत कर मजदूरों को भट्‌ठों तक पहुंचाने की प्लानिंग तैयार कर ली। जानिए बैठक में क्या-क्या निर्णय हुए।

दलालों ने तय किया कि मजदूर परिवार कोविड-19 के चलते बेहद तकलीफ की स्थिति में हैं इसका फायदा उठाया जाए और उन्हें नगद की एडवांस राशि उनके जमीनों के गिरवी एवज में मजदूरी के लिए बढ़ाकर दी जाए।

तय हुआ कि मजदूर दशहरा और दीवाली के बीच अलग-अलग शहरों से सड़क मार्ग द्वारा ही ईंटभट्‌ठों तक पहुंचाई जाए। यह भी निर्णय हुआ कि मजदूर कही यह नहीं कहेंगे कि उन्हें जबरिया काम पर भेजा जा रहा है।

बैठक में दलालों का एक यूनियन बनाया गया जिनकों जिम्मदारी दी गई कि वे शासन-प्रशासन और पुलिस के साथ पत्रकारों को मैनेज करेंगे। सभी के लिए प्रत्येक मजदूरो के पीछे एक निश्चित रा शि सुनिश्चित की गई।

 

मजदूर दलालों के यूनियन में और क्या-क्या निर्णय हुए जानने के लिए पढ़ते रहिए WebMorcha.com

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