अपने नाम के अक्षर से जानिए आपका नक्षत्र क्या है, नक्षत्र के आधार पर जानिए जीवनशैली, व्यवहार और अपने व्यक्तित्व

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नक्षत्र

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, तारे और ग्रहों की चाल का असर जातक की जीवनशैली, व्यवहार और व्यक्तित्व पर जरूर पड़ता है। वहीं आकाश मंडल में स्थित कुछ खास तारों के समूह को नक्षत्र(rashi nakshatra) कहा जाता है। एक नक्षत्र 13.20 अंश का होता है।

आइए जानते हैं नक्षत्र उनके चरणों के अक्षर और राशि के बारे में – नक्षत्र पर क्लिक कर पूरी अपनी डिटेल पढ़ें

मेष – अश्विनि (चू, चे, चो, ला), भरणी (ला, ली, लू, ले, लो),  कृतिका ( आ,ई, ऊ, ए)

वृष – कृतिका ( आ,ई, ऊ, ए), रोहिणी (ओ, वा, वी, वू), मृगशिरा (वे, वो,का, की)

मिथुन – मृगशिरा (वे, वो,का, की), आर्द्रा ( कू, घ, ङ, छ), पुनर्वसु (के, को, हा, ही)

कर्क – पुनर्वसु (के, को, हा, ही), पुष्य (हू, हे, हो, डा), अश्लेषा (डी, डू, डे, डो)

सिंह – मघा (मा, मी, मू, मे), पूर्वाफाल्गुनी(मो, टा, टी, टू), उत्तराफाल्गुनी (टे,टो,पा,पी)

कन्या – उत्तराफाल्गुनी (टे,टो,पा,पी), हस्त (पू, ष, ण, ठ), चित्रा (पे,पो, रा,री)

तुला – चित्रा (पे,पो, रा,री), स्वाती (रू, रे, रो, ता), विशाखा (ती, तू, ते, तो)

वृश्चिक – विशाखा (ती, तू, ते, तो), अनुराधा ( ना, नी, नू, ने), ज्येष्ठा (नो, या, यी, यू)

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धनु – मूल (ये, यो, भा, भी), पूर्वाषाढ़ा (भू, धा, फा, ढा), उत्तराषाढ़ा (भे,भो, जा, जी)

मकर – उत्तराषाढ़ा (भे,भो, जा, जी), श्रवण (खी, खू, खे, खो), धनिष्ठा (गा, गी, गू, गे)

कुंभ – धनिष्ठा (गा, गी, गू, गे), शतभिषा (गो, सा, सी, सू), पूर्वाभाद्रपद (से, सो, दा, दी)

मीन – पूर्वाभाद्रपद (से, सो, दा, दी), उत्तराभाद्रपद (दू, थ, झ, ण), रेवती (दे, दो, चा, ची)

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