पुष्य नक्षत्र के जातक का व्यक्तित्व

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आप दयालु, ममतापूर्ण और उदार प्रवृत्ति के हैं। इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति माने गए हैं जिसके फलस्वरूप आपका व्यक्तित्व गंभीर, आस्थावान, सत्यनिष्ठ, सदाचारी और देवता सरीखा प्रतापी है। आपकी देह मांसल होगी और शरीर कुछ भरा हो सकता है। साथ ही चेहरा गोलाकार व चमकदार होगा। अभिमान तो आपमें लेशमात्र भी नहीं है।  प्रशंसा आपको फुला देती है जबकि आलोचना असहाय जान पड़ती है, इसलिए मीठा बोलकर ही आपसे अच्छा कार्य करवाया जा सकता है।

सभी प्रकार की सुख-सुविधाओं को जुटाना आपको अच्छा लगता है। आप ईश्वरभक्त और सबकी सहायता करने वाले हैं तथा अपने मन की बात मुश्किल से व्यक्त कर पाते हैं। वैवाहिक जीवन में भी आप जीवनसाथी तक से अपने मन की बात कहने में हिचकते हैं जिसके फलस्वरूप आपको कभी-कभार ग़लत समझ लिया जाता है और इसी कारण आप आत्म-पीड़ा के भी शिकार हो जाते हैं।

शिक्षा और आय

आप थियेटर, कला और वाणिज्य व्यवसाय के क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। इसके साथ ही डेयरी से जुड़े कार्य, कृषि, बाग़वानी, पशुपालन, खाने-पीने की सामग्री के निर्माण व वितरण, राजनीति, सांसद, विधायक, धर्मगुरु, परामर्शदाता, मनोचिकित्सक,

धर्म व दान संस्था से जुड़े स्वयंसेवक के रूप में, अध्यापक, प्रशिक्षक, बच्चों की देखभाल के कार्य, प्ले स्कूल में कार्य, भवन निर्माण तथा आवास बस्ती से जुड़े कार्य, धार्मिक व सामाजिक उत्सवों के आयोजनकर्ता, शेयर बाज़ार, वित्त विभाग, जल प्रधान कार्य, सेवा से जुड़े काम, माल ढोने जैसे श्रमप्रधान कार्य करके जीवनयापन कर सकते हैं।

पारिवारिक Life

आप अपने Life Partner और बच्चों के साथ रहना चाहेंगे, मगर नौकरी या व्यवसाय के चलते अपना अधिकतर समय अपने Family से दूर बिताएंगे। इसी वजह से आपका पारिवारिक Life कुछ समस्याग्रस्त रह सकता है, परन्तु आपका Life Partner आपके प्रति समर्पित रहेगा और आपकी अनुपस्थिति में वह Family का ध्यान अच्छी प्रकार से रखेगा। 33 वर्ष की आयु तक आपके जीवन में कुछ संघर्ष होने की संभावना है, परन्तु 33 वर्ष की अवस्था से आपकी चतुर्मुखी प्रगति होगी।

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