मनरेगा कार्ड पर Deepika Padukone की फोटो, जिसे चुकाई मजदूरी उसे पता नहीं

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भोपाल. मध्य प्रदेश के खरगौन जिले की झिरन्या ग्राम पंचायत में फिल्मी सितारों के फोटो लगाकर मनरेगा जॉब Card जारी करके फजीर्वाड़ा किया गया है. इस फर्जीवाड़ा के मुख्य कर्ताधरता पंचायत सचिव और रोजगार सहायक है.

जिन्होंने ग्रामीणों के ऑनलाइन जॉब Card पर फिल्मी सितारों के फोटो लगाकर फर्जीवाड़ा किया है. आरोपियों ने इन जॉब Card पर मजदूरी की राशि भी जारी कर दी. वहीं दूसरी ओर जिन मजदूरों के नाम पर ये Card बनाए गए है, उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि वो मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं और उनके नाम पर मजदूरी की राशि भी जारी की गई है.

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11 फिल्मी सितारों के फोटो लगाए जॉब Card पर

खरगौन के नाका गांव में मनरेगा जॉब Card में सोनू शांतिलाल के नाम के आगे दीपीका पादुकोण की फोटो लगी हुई है. इस जॉब Card के अनुसार शांतिलाल ने मनरेगा के तहत रोजगार के तौर पर एक नाला भी बनाया है. जिसका कि उसे भुगतान भी किया जा चुका है. इसी तरह इस गांव में 11 ग्रामीणों के जॉब Card बनाए गए है और उनमें फिल्मी सितारों के फोटो लगाकर मनरेगा राशि का गबन किया है.

नाका गांव का ही एक और युवक है जिसके पास खेती की करीब 50 एकड़ जमीन है. पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने इस युवक के नाम पर भी जॉब Card जारी करके मजदूरी करना दर्शाया है. वहीं गांव में अभी तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके है जिनमें ग्रामीणों के नाम पर फर्जी जॉब Card बनाए गए है. लेकिन ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं है.

आरोपियों पर होगा एक्शन: जिला पंचायत सीईओ

जिला पंचायत सीईओ गौरव बैनल का कहना है कि, यह मामला अभी संज्ञान में आया है, जिसमें गांव के 11 ग्रामीणों के जॉब कार्ड पर फिल्मी सितारों की फोटो लगी हुई है. इन जॉब Card के जरिए रोजगार दिखाकर राशि भी जारी गई है. वहीं इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है

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और पता किया जा रहा है कि इस तरह से जॉब Card कैसे जारी हुए. वहीं जिला पंचायत सीईओ ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार झिरन्या ग्राम पंचायत ने मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान करके देश में पहला नाम कमाया था. वहीं राज्य सरकार के दांवे की माने तो इस साल मनरेगा में इस पंचायत में तीन गुना काम किया है. दूसरी ओर लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने बताया था

कि 10 राज्यों (जिसमें केंद्र शासित प्रदेश भी है) में करीब 782 करोड़ रुपय के मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है. जिसमें से आधाी रकम अकेले बंगाल की है और मध्य प्रदेश में करीब 60 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ.

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