जशपुर: फर्जी गवाह बनाकर पूरे परिवार को भेजा जेल, 99 दिन जेल में रहने के बाद छूटे तो,  पूलिस की खुल गई पोल! गवाह ने किया बड़ा खुलासा, इधर, SP भी चकित

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जशपुर। सिटी कोतवाली जशपुर

गजब: छग फर्जी गवाही पर 99 दिन एक ही परिवार के तीन लोग रहे जेल में बंद

जशपुर। सिटी कोतवाली जशपुर में फर्जी तरीके से गवाह बनाकर एक परिवार को जेल के सलाखों के भेजन का सनसनीखेज खुलासा हो रहा है। बताया जा रहा है आत्महत्या करने को दुष्प्रेरित करने के एक मामले में कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति का झूठी गवाही पेश कर पूरे परिवार को जेल भेज दिया था। जब परिवार 3 महीने 9 दिन जेल से जमानत पर छूटे तो उनके पैरो तले जमीन खिसक गया। दरअसल, पुलिस ने जिसे आरोप सिद्ध करने गवाह बनाया था उसने किसी तरह के बयान देने से इंकार कर दिया है।

इधर, फर्जी तरीके से गवाह बनाए शख्स को पता चला तो उसके होश उड़ गए। उसने बताया कि किसी तरह की कोई गवाही दी न ही पूलिस ने उसका कोई बयान लिया फिर उसकी गवाही कैसे दर्ज कर ली गई। ये मामले सामने आने के बाद कथित गवाह सालेश्वर यादव ने जब थाने से उसकी गवाही के कागजात नकल निकलवाया नकल में न केवल उसका बयान था, बल्कि बयान में उसकी फोटो भी लगा हुआ था।

फिर उसे याद आया कि सत्येंद्र सिंह नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने मोबाइल से उसका फोटो ले लिया था फोटो लेने का जब उसने कारण पूछा तो उसने कोई कारण नही बताया था। इसका कहना है कि सत्येंद्र सिंह के द्वारा धोखे से उसका फोटो खींचकर फोटो जशपुर के कोतवाली पुलिस को दे दिया और कोतवाल ने उसी फोटो को लगाकर सालेश्वर का मनगढ़ंत बयान लिखकर कोर्ट में पेश कर दिया और उसी के बयान के आधार पर हरिहर सिंह, सिता देवी, नितेश सिंह, को 3 महीने नौ दिन तक जेल की हवा खानी पड़ी।

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इधर, मामले के खुलासे के बाद महुआटोली गाँव के लोग सालेश्वर के साथ हो गए और मामले की शिकायत लेकर जशपुर SP के पास पहुंचे। इस धोखधड़ी और पुलिस की भारी लापरवाही के शिकार हुए सालेश्वर ने एसपी को जब पूरी बात बताई तो एसपी भी हैरान रह गए और उन्होंने इस मामले में तत्काल जांच का भरोसा दिया है।

ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि सत्येंद्र सिंह और नगर के कोतवाल के बीच जबरदस्त सांठ गांठ है और इसी सांठ गांठ के चलते सालेश्वर के साथ इतना बड़ा फर्जीवाड़ा हो गया और न जाने कितने लोग ऐसे फर्जीवाड़ा के शिकार हुए होंगे इसलिए सत्येंद्र सिंह के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ साथ नगर के कोतवाल लक्ष्मण सिंह ध्रुव के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि बगैर बयान लिए और बागैर गवाह के पास गए कोतवाली थाना प्रभारी ने बयान को सत्यापित करके बहुत बड़ा गुनाह किया है इसलिए कार्रवाई थानेदार के विरुद्ध भी होनी चाहिए।

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