महासमुंद। एक ओर जहां सरकार घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन को मिशन मोड में संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर महासमुंद जिले के कोमाखान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पटपरपाली में पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां घरों तक पहुंच रहे नल जल में कीड़े (जोक) निकलने की शिकायत सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
बीते डेढ़ साल से जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की सप्लाई हो रही है। दावा किया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों में स्वच्छ पेयजल के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। लेकिन नल के पानी में जोक मिलने की घटना ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है।
नल के पानी में जोक देखकर सहम गए ग्रामीण
मंगलवार सुबह पटपरपाली के आश्रित ग्राम बाम्हनडीह में रहने वाले सुभान साहू के घर में पानी भरते वक्त नल से जोक निकल आया। यह देखते ही घर में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठे हो गए।
ग्रामीण बोले, पानी टंकी की सफाई नहीं, इसलिए हो रही समस्या
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी की नियमित सफाई और मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से यह स्थिति बनी है। गांव की 70% से अधिक आबादी पीने के लिए इसी पानी का उपयोग करती है, ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
पंचायत ने माना, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना
ग्राम पंचायत का कहना है कि हाल ही में हुए नए भवन निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। पंचायत ने साफ किया कि स्वच्छ जल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को सुधार के निर्देश दे दिए गए हैं।
जल्द होगी समस्या का समाधान
पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि समस्या की जांच कर पानी टंकी की सफाई, पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।























