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आनन-फानन में बिना कार्ययोजना राजनीति श्रेय लेने ओव्हरब्रिज का निर्माण, शहर के नागरिकों के साथ किया जा मजाक  

महासमुंद। ओवरब्रिज निर्माण अधूरा अटकने पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अमरजीत चावला ने खेद व्यक्त किया है। जारी बयान में कहा कि शासन की गलत नीतियां एवं स्थानीय नेतृत्व इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार है।  कांग्रेस नेता ने कहा आज से कई साल पूर्व अंडर ब्रिज बना कर इस समस्या से पटरी पार के नागरिकों को निजात दिलाई जा सकती थी। अंडर ब्रिज बनने से दो पहिया, चार पहिया और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक वाहन की आवाजाही आराम से होती रहती। आवश्यकता अनुसार अब ओवरब्रिज भी बन जाता पर पहले कुछ वर्ष पूर्व जब अंडर ब्रिज बनाने की सहमति रेलवे आफिस संबलपुर से बनी थी तब कुछ नेताओं के विरोध से और ओवरब्रिज का प्रलोभन देकर उसे रुकवा दिया गया।

खीचातानी और राजनीतिक श्रेय की होेड़

तात्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष और तात्कालीन विधायक की खींचातानी और श्रेय लेने की राजनीति से उस समय भी पटरी पार की जनता झूठे चुनावी वादों पर छली गई और फिर कभी वाय आकार ब्रिज का नक्शा , कभी सीधा आकर का नक्शा में उलझा कर भी निर्माण हो नही पाया

   यहां पढ़े: http://अमरजीत ने कहा विकास किसी की मोहताज नहीं

अमरजीत चावला ने कहा अभी भी चुनावी वर्ष देखकर ही आनन-फानन में श्रेय लेने के लिए ही बगैर ठोस कार्ययोजना और मुआवजा प्रकरण के ठोस निराकरण की पहल और अधिग्रहण की जद में आने वाले कई पीड़ित परिवारों की समस्याओं और मुआवजे के निराकरण में ईमानदारी से ना ही पहल की गई न ही समस्याओं के निराकरण के लिए कोई कार्ययोजना बनाई गई और उसका दुष्परिणाम यह हुआ की 20 प्रतिशत निर्माण के बाद कार्य बंद हो गया और ठेकेदार ने सामान समेटना भी शुरू कर दिया

स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ भाजपा जिम्मेदार

कांग्रेस नेता ने कहा शहर की आधी से ज्यादा आबादी की परेशानी से जुड़ी समस्या सिर्फ गलत राजनीति और श्रेय लेने के चक्कर मे फस कर रह गई है और ओवर ब्रिज निर्माण कार्य बीच मे ही रुक जाने के लिए  पूरी तरह से स्थानीय जनप्रतिनिधि की अक्षमता और भाजपा सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार है

 

चावला ने कहा यह दुर्भाग्यजनक है कि आज की गंदी और श्रेय  लेने की राजनीती के चक्कर मे शहर की सबसे बड़ी समस्या का निराकरण नही हो पा रहा है ,और ना ही कोई थाने का घेराव कर रहा है ना ही कोई शहर बन्द करवा रहा है और ना ही कोई क्रांति सेना बुलवा रहा है

अमरजीत ने कहा इस बात की जांच आवश्यक है कि जब अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण नही हो पाई थी तो निर्माण कार्य किस आधार पर किसके दबाव में शुरू कर दिया गया था ,क्या यह किसी जनप्रतिनिधि के दबाव में  चुनावी लाभ लेने के लिए किया गया इस षड्यंत्र की पूरी जांच होनी चाहिए

अमरजीत ने समस्या का निराकरण अतिशीघ्र करवाने की मांग करते हुवे कहा केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है अगर उनकी नियत और बात बात में श्रेय लेने की राजनीति करने वालो की नीयत साफ है तो अतिशीघ्र निर्माण कार्य शुरू करवाये और निर्धारित समय तक कार्य पूर्ण करवाये

 

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