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CG कोरोना बलास्ट के बाद मंकीपॉक्स के 2 संदिग्ध मरीज मिलने से मची खलबली

देश की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक और संदिग्ध केस मिला है. मरीज को दिल्ली के LNJP अस्पताल में एडमिट कराया गया है. बताया जा रहा है कि व्यक्ति की त्वचा पर चकत्ते और तेज बुखार जैसे वायरस के लक्षण हैं. मरीज का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है. हालांकि, अभी रिपोर्ट नहीं आई है. बता दें देश में मंकीपॉक्स के कुल चार केस सामने आ चुके हैं. अब पूरे देश में इसका खतरा मंडरा रहा है।

रायपुर। प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। रायपुर राजधानी में मंगलवार को सामने आएं आंकड़ा ने एक बार फिर चौका दिया है। अकेले रायपुर राजधानी में 224 मरीज मिलने खलबली मच गई है। वहीं प्रदेश में पहली बार भिलाई और रायपुर में मंकीपॉक्स (monkeypox) के 2 संदिग्ध मरीज मिले हैं। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में एडमिट 14 साल का किशोर कांकेर का है। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। भिलाई में संदिग्ध मरीज हाल में ओमान से लौटा है। वह कोविड पॉजीटिव भी निकला है।

अंबेडकर हॉस्पीटल के ICU में अभी 10 मरीज हैं। अधिकांश की उम्र 50 साल से अधिक है और सांस की दिक्कत आई है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को राज्य में 12394 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें 640 मरीज मिले। इस तरह संक्रमण दर 5.16 प्रतिशत रही। इसके साथ ही राज्य में सक्रिय मरीजाें की संख्या करीब 4 हजार हो गई है। इनमें से रायपुर में सर्वाधिक सात सौ, दुर्ग में पांच सौ और राजनांदगांव में चार सौ मरीजों का इलाज चल रहा है।

किशोर के पूरे हाथ में फुंसियां, सैंपल भेजा गया पुणे

प्रदेश में पहली बार मंगलवार को एक संदिग्ध मरीज मिला है, जिसमें मंकीपॉक्स (monkeypox) के लक्षण हैं। यह बच्चा कांकेर जिले के एक गांव का है। उसे त्वचा रोग के इलाज के लिए अंबेडकर हॉस्पीटल लाया गया था, क्योंकि पूरे हाथ में छोटी-छोटी फुंसियां हैं। मंकीपाक्स का एक लक्षण यह भी है, इसलिए चिकित्सकों ने बच्चे को आइसोलेट कर दिया है।

उसके सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। यहां के चिकित्सकों ने इस बच्चे की ट्रैवल हिस्ट्री जांची है। वह इससे पहले कभी विदेश तो क्या, प्रदेश से बाहर नहीं गया। इसलिए अब यह ट्रेस किया जा रहा है कि वह किन-किन लोगों के नियमित संपर्क में था।

हो जाएं सावधान, देश में मंकीपॉक्स के सामने आए 4 मामले, जानें लक्षण, ये शख्स बिना विदेश गए संक्रमित?

अधिकारियों का कहना है कि मंकीपॉक्स वायरल बीमारी है और इसका एक बड़ा लक्षण यह है कि इसमें मरीज के पूरे शरीर या कुछ हिस्से में चेचक जैसी फुंसियां निकल आती हैं। इनकी वजह से संक्रमण फैलने की आशंका अधिक रहती है।

मंकीपाक्स से बचाव के लिए सबसे बड़ी सतर्कता यही बताई गई है कि सोशल डिस्टेंसिंग की जाए या फिजिकल कांटेक्ट से बचा जाए। इस मामले में राज्य नोडल अधिकारी इंट्रीग्रेटेड डिसिज सर्विलेंस प्रोग्राम (आईडीएसपी) डॉ. धमेद्र गहवई का कहना है कि प्रिकॉशन के तौर पर मरीज को आइसोलेशन में रखा गया है। पुणे से सैंपल की जांच रिपोर्ट तीन-चार दिन में आएगी, लेकिन तब तक पूरी एहतियात बरती जाएगी।

तेज बुखार और फुंसियां

मंकीपॉक्स (monkeypox) का प्रमुख लक्षण तेज बुखार, मांसपेशी में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, थकावट, गले में खराश, खांसी होती है। किसी भी उम्र वालों को बीमारी हो सकती है।

बचाव भी कोरोना जैसा

PPI किट और मास्क पहने बिना संक्रमित के पास न जाएं, यानी डिस्टेंसिंग जरूरी है। हाथ साफ रखें। बार-बार आंख-नाक, कान, चेहरे को न छुएं

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