अलर्ट: सितंबर से अक्टूबर के बीच किसी भी समय कोविड की तीसरी एंट्री… वैज्ञानिकों ने बताया समय

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Coronavirus covi तीसरी लहर तबाही कोविड

नई दिल्ली। कोविड का डर एक बार फिर समाने लगी है। सरकार की एक रिपोर्ट में इसे लेकर चेतावनी दी गई है। बताया गया है कि सितंबर से अक्टूबर के बीच किसी भी समय देश में कोविड की तीसरी एट्री दस्‍तक दे सकती है। बात सिर्फ यहीं समाप्त नहीं होती है। एक अलग रिसर्च में वैज्ञानिकों ने यह भी बता दिया है कि तीसरी लहर एट्री कब पीक पर पहुंचेगी।

महामारी की मैथमैटिकल कैलकुलेशन (फॉर्मूला मॉडल) के आधार पर पूर्वानुमान लगाने वाली टीम में शामिल वैज्ञानिक ने सोमवार को बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर नवंबर में चरम पर होगी। ऐसा तभी होगा यदि कोविड वायरस के डेल्टा वैरिएंट के अलावा और स्वरूप सामने आते हैं। साथ ही वे सितंबर के अंत तक पूरी तरह से सक्रिय होते हैं। उनका कहना है कि कोविड की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में मामलों में तेजी नहीं आएगी और संभव है कि इससे काफी हद तक पहली लहर की तरह स्थिति उत्पन्न होगी।

शायद न भी भी हो तीसरी एट्री

भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के वैज्ञानिक मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि यदि वायरस का नया वैरिएंट नहीं आता, तो हो सकता है कि तीसरी लहर न भी आए। अग्रवाल तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम का हिस्सा हैं जिसे मामलों की संख्या को लेकर पूर्वानुमान लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।

अग्रवाल ने कहा, ‘नए आंकड़ों के आधार पर हम कह सकते हैं कि देश कोरोना महामारी की तीसरी लहर के चरम को नंवबर में देख सकता है। बशर्ते वायरस के अधिक संक्रामक वैरिएंट सामने आएं। उस स्थिति में हम रोजाना 1.5 लाख तक नए मामले देख सकते हैं और यह नवंबर में चरम पर होगा। हालांकि, इसकी व्यापकता दूसरी लहर की तरह नहीं होगी, लेकिन पहली लहर से मिलती-जुलती होगी।’

डेल्टा वैरिएंट बरपा चुका है कहर

उन्होंने बताया कि यह पूर्वानुमान अनुमानों पर आधारित है। वायरस के डेल्टा वैरिएंट की वजह से देश में दूसरी लहर आई थी। मार्च से मई के बीच इसने विकराल रूप धारण कर लिया था। तब लाखों लोग संक्रमित हुए थे। वहीं, हजारों लोगों की मौत हुई थी। सात मई को देश में कोविड-19 के सबसे अधिक 4,14,188 नए मामले आए थे। इस समय दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में वायरस के डेल्टा वैरिएंट से मामले बढ़ रहे हैं।

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अग्रवाल ने नए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, ‘अगर वायरस का अधिक संक्रामक वैरिएंट (इस समय देश में मौजूद वायरस के स्वरूप के मुकाबले) नहीं आता है तो हो सकता है कि देश में तीसरी लहर नहीं आए।’

उन्होंने कहा कि जल्द ही आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा। पिछले महीने फॉर्मूला मॉडल टीम ने अनुमान लगाया था कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर अगस्त महीने में शुरू हो सकती है और अक्टूबर में चरम पर पहुंच सकती है। मॉडल में अनुमान लगाया गया था कि रोजाना डेढ़ से दो लाख नए मामले आ सकते हैं। हालांकि, अगस्त में मामलों में वृद्धि नहीं देखी गई।

गणितीय विज्ञान संस्थान के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक, 14 से 16 अगस्त के बीच कोरोना वायरस महमारी का ‘रिप्रोडक्टिव वैल्यू’ या आर-वैल्यू (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करने का औसत) 0.89 रहा। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी है कि यह एक से नीचे रहे।

सरकार ने दी चेतावनी

इसके पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) ने तीसरी लहर की चेतावनी दी। अपनी रिपोर्ट में उसने सितंबर से अक्टूबर तक कभी भी कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई। एनआईडीएम गृह मंत्रालय के तहत आता है। रिपोर्ट में बच्चों के लिए खास तैयारी करने पर जोर दिया गया है। पैनल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में रॉयटर्स के ओपीनियन सर्वे का हवाला दिया गया है। सर्वे में 40 एक्‍सपर्ट्स ने 15 जुलाई से 31 अक्‍टूबर 2021 के बीच भारत में कोरोना की तीसरी लहर आने के संकेत जताए हैं। इसका सबसे ज्‍यादा खतरा बच्‍चों को है।

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