स्थानीय स्तर पर महासमुन्द विधायक चंद्राकर ने फीता काटकर विधिवत् शुभारम्भ किया

महामसुन्द। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज महासमुंद में कोरोना सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच के लिए वायरोलॉजी लैब का ऑनलाइन शुभारंभ किया। अब महासमुन्द एवं कांकेर दो नए लैबों को मिलाकर अब प्रदेश के नौ शासकीय लैबों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो गई है। इससे अब रोजाना जिले में आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ने के साथ ही लोगों को रिपोर्ट भी जल्दी मिलने लगेगी। शुभारम्भ अवसर पर रायपुर से स्वास्थ्य मंत्री के साथ विभागीय अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै,

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चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आर.के. सिंह और गैर-संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर और डॉ. अनुदिता भार्गव भी कार्यक्रम में ऑनलाइन मौजूद थीं। शुभारम्भ अवसर पर महासमुंद से संसदीय सचिव एवं विधायक विनोद चन्द्राकर, कलेक्टर डोमन सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा, शासकीय चिकित्सालय महाविद्यालय महासमुन्द के अधिष्ठाता डाॅ. पी.के. निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मंडपे सहित वायरोलाॅजी लैब के प्रभारी डाॅ. ओंकार कश्यप, जिला प्रशासन एवं मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने महासमुंद में नवनिर्मित वायरोलॉजी लैब का उदघाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के समय एक भी वायरोलॉजी लैब नहीं था। एम्स रायपुर के बाद प्रदेश के सभी छह शासकीय मेडिकल कॉलेजों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ और अंबिकापुर में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा विकसित की गई है। आज प्रदेश के दो नए मेडिकल कॉलेजों महासमुंद एवं कांकेर में भी वायरोलॉजी लैब की शुरूआत हो रही है। इन नई सुविधाओं से प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की पहचान और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने में तेजी आएगी।

उन्होंने संसदीय सचिव एवं महासमुन्द विधायक विनोद चंद्राकर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार लैब को शीघ्र प्रारम्भ कराने के लिए प्रयासरत् रहें है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने वायरोलॉजी लैब के लोकार्पण के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरबा, कोरिया, जशपुर, जांजगीर, दुर्ग, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार में भी वायरोलॉजी लैब की स्थापना का काम प्रारंभ किया जा चुका है। इनके साथ ही शासन द्वारा बालोद और मुंगेली में भी वायरोलॉजी लैब खोलने की अनुमति दी गई है।

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इन सभी सुविधाओं के तैयार हो जाने के बाद प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा वाले शासकीय केंद्रों की संख्या 18 हो गई है।  विभाग की कोशिश रहेगी कि ये सभी लैब जल्दी से जल्दी शुरू हो जाएं। सिंहदेव ने प्रदेश में नए वायरोलॉजी लैबों की स्थापना में एम्स रायपुर की भूमिका को रेखांकित करते हुए निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन और एम्स कोरोना नियंत्रण के साथ ही सुपेबेड़ा में किडनी रोगों से प्रभावितों के इलाज के लिए साथ-साथ काम कर रहे हैं। सिंहदेव ने कांकेर और महासमुंद में वायरोलॉजी लैब की स्थापना में सहयोग के लिए स्थानीय विधायकों विनोद सेवनलाल चन्द्राकर और शिशुपाल शोरी को भी धन्यवाद दिया।

महासमुंद के नए वायरोलॉजी लैब में सैंपलों से जांच की शुरूआत की जाएगी। लैब की क्षमता बढ़ने के साथ आसपास के जिलों के सैंपलों की भी जांच आने वाले समय में की जाएगी। इन लैबों का संचालन वहां शुरू हो रहे नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन के अधीन किया जा रहा है। लैब में सेवा देने वाले लैब प्रभारी, माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट, सीनियर सांइटिस्ट, जूनियर साइंटिस्ट, लैब तकनीशियन एवं लैब सहायकों को संबंधित मेडिकल कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है।

संसदीय सचिव एवं महासमुंद विधायक विनोद चंद्राकर ने वायरोलाॅजी लैब के लोकार्पण के दौरान कहा कि अब हमें आरटीपीसीआर जांच के लिए अन्य जिलों पर आश्रित रहना नहीं पड़ेगा, अब महासमुन्द जिले में ही आरटीपीसीआर की जांच होगी तथा 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट भी प्राप्त हो जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मंडपे ने बताया कि भारतीय चिकित्सक अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली द्वारा महासमुन्द जिले के नव निर्मित वायरोलाॅजी लैब में कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच करने का अनुमोदन कर दिया गया है अर्थात अब महासमुन्द के ही वायरोलाॅजी लैब में आरटीपीसीआर सेम्पल की जांच होगी।