चिटफंड कंपनी से राशि वापस मिलने पर मुख्यमंत्री को अंकित ने कहा शुक्रिया

रायपुर। चिटफंड कंपनियों ने आम लोगों उनके संगे-सबंधियों, करीबियों और दोस्त-यारों को ही मोहरा बनाकर ठगी का काम किया। एजेंटों को मोटे कमीशन का लालच और उनके जरिए निवेशकों को दो-तीन साल में राशि दो से तीन गुना करने का सपना दिखाकर उनकी बरसों की जमा पूंजी लूट ली। यह कहना है राजनांदगांव के श्री अंकित श्रीवास्तव का। उन्होंने अपने एजेंट मित्र से व्यक्तिगत संबंध पर भरोसा करते हुए चिटफंड कंपनी में अपनी पूंजी जमा की और अंततः धोखाधड़ी के शिकार हुए। अपने मन की बात साझा करते हुए श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने इस कंपनी में मोटी राशि लगाई थी, जो डूब गई। उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि कभी यह राशि मिल पायी थी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी का शिकार हुए राज्य के निवेशकों को यह भरोसा दिलाया था कि वह चिटफंड कंपनियों से उनकी राशि वापस लौटाएंगे। इसको लेकर मन में एक उम्मीद बंधी थी, परंतु विश्वास नहीं हो पा रहा था। क्योंकि चिटफंड कंपनियां अपना बोरिया-बिस्तर समेट रफूचक्कर हो चुकी थी, परंतु मुख्यमंत्री बघेल ने जनता से किए अपने वायदे पर न सिर्फ कायम रहे, बल्कि चिटफंड कंपनियों के डारेक्टर पर कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ कंपनियों की संपत्ति की कुर्की और नीलामी कर निवेशकों को राशि वापस दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं है। यही वजह है कि आज निवेशकों को राशि वापस मिलने लगी है।

अंकित श्रीवास्तव का कहना है कि चिटफंड कंपनी में डूबी जमा पूंजी के अचानक वापस मिलने पर उन्होंने बहुत खुशी और राहत महसूस की है। उन्हें शेष राशि भी भविष्य में वापस मिलने की उम्मीद है। अंकित ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगे गए निवेशकों को राशि वापस दिलाकर बड़ी मदद की है। उन्होंने 75 हजार रूपए की राशि वापस मिलने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और लोगों से चिटफंड कंपनियों के चक्कर में न फंसने की अपील की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के सदस्य उषा श्रीवास्तव, मानसी श्रीवास्तव एवं सत्यम सिन्हा ने भी चिटफंड कंपनी में राशि लगाई थी, जो उन्हें वापस मिल रही है।

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