नर्रा स्कूल के नाम एक और उपलब्धि, नीति आयोग ने यहां की लैब को सराहा

रूपेश टडंन। महासमुंद। शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक शाला नर्रा के शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय शंकर निगम ने बताया कि आयोग के मिशन डायरेक्टर ने ई- मेल भेज कर नर्रा एटीएल के कार्यो की सराहना करते हुए लिखा है कि दुर्ग जिला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुम्हारी के एटीएल को भी अपने जैसा बनाएं। शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्रा के एटीएल की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए मिशन डायरेक्टर डॉ आर रमानान ने लिखा है कि आपके विद्यालय के प्राचार्य तथा शाला प्रबंधन के साथ एटीएल इंचार्ज भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। आपके स्कूल का एटीएल आपके मध्य क्षेत्र का एक उत्कृष्ट क्रियाकलाप वाले स्कूलों में से एक है। आप इस प्रयास को निरंतर जारी रखें।

http://शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्रा की उपलब्धियों में जुड़ा एक और नाम।

हम चाहते हैं की आप अपने क्षेत्र के एक अन्य एटीएल को अपने एटीएल के स्तर तक लाने के लिए प्रेरित करें। आपके एटीएल को राज्य के दुर्ग जिले में कुम्हारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के एटीएल की स्थापना और कार्यविधि संचालन हेतु मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी जाती है।आप उस एटीएल, के मार्गदर्शक और प्रेरक की तरह कार्य करते हुए उस संस्था के सिस्टर एटीएल का कार्य करें। गत वर्षों में आपका मोटिवेशन, आपके कार्य ने आपके स्कूल को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, आप उस एटीएल को भी उस ऊंचाई तक पहुंचाएं, उसकी कार्यप्रणाली उपयोग से संबंधित सभी प्रकार की शंकाओं का निराकरण करते हुए उस एटीएल को सफल बनाएं। स्मरणीय है कि नर्रा एटीएल, प्रभारी सुबोध कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में कार्य कर रहा है।

ज्ञात हो कि नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत देश में अटल टिंकेरिंग लैब्स की शुरुआत 2016 से कि गई  पहले चरण में देश के 3000 निजी और शासकीय स्कूलों के बीच हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा में केवल 284 स्कूलों का चयन आयोग द्वारा किया गया, जिसमें शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्रा को 81वां स्थान प्राप्त हुआ था, उस समय नर्रा सहित राज्य के 6 स्कूलों में एटीएल की स्थापना हुई थी। अपने स्थापना के समय से ही राज्य में नर्रा के एटीएल ने अपने कार्यों से अलग पहचान बना रखी है जिसका परिणाम है, कि राज्य के विभिन्न जिलों में आज नए स्थापित हो रहे एटीएल शालायें नर्रा एटीएल से मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।

http://नर्रा के छात्र बॉम्बे के साथ जुड़कर विश्व रिकॉर्ड बनाने में बनाई सहभागिता

क्षेत्र के इस एटीएल में स्मार्ट ब्लाइंड छड़ी, स्मार्ट डस्टबिन, दुर्घटना रोधी वाहन, एनिमल डिटेक्टर डेविस, ऑटोमैटिक इक्विपमेंट्स, 3 डी प्रिंटेड ऑब्जेक्ट्स बनाने के साथ ही अंचल के स्कूलों में टिंकरिंग के प्रति जागरूकता के लिए टिंकरिंग  यात्रा भी प्रारम्भ की थी। जिसमें एटीएल इंचार्ज सुबोध तिवारी ने कोमखान, परसूली, बागबाहरा, खोपली, देवरी, खैरटखुर्द आदि अनेक स्कूलों में भ्रमण कर एटीएल के बारे में जानकारी दिया। इस स्कूल के एटीएल में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर आईआईटी गांधीनगर जैसी संस्थानों के विशेषज्ञ भी जुड़े हैं तथा बच्चो के साथ अपने विचार शेयर किए हैं। एटीएल की स्थापना के बाद इस विद्यालय में सोलर लैंप वर्कशॉप, ब्रिक्स मैथ्स जैसे प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ है। शोलर लैंप वर्कशॉप में पूरे महासमुंद जिले का एकमात्र स्कूल था तथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने में अपनी सहभागिता निभाई,

इसी प्रकार ब्रिक्स देशों के लिए आयोजित गणित प्रतियोगिता में शाला के 57 छात्रों ने हिस्सा लिया जिनमें से 36 छात्रों ने 100 में से 100 प्रतिशत नंबर हासिल किए, शेष छात्र भी विजयी रहे। इस विद्यालय के छात्रों ने जिला एवं सम्भागीय  स्तर के अनेक कार्यकर्मों में अपने मॉडल प्रस्तुत किए हैं। एटीएल प्रभारी सुबोध कुमार तिवारी को शाला की इस उपलब्धि के लिए शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय शंकर निगम, शाला प्रबंधन समिति में विधायक प्रतिनिधि उमेश जैन, प्रबंधन समिति के सदस्य गोपाल किशन पटेल, नुरेन साहू, डा.आनन्द वर्गीस, दिलीप गुप्ता, ललित पटेल, तामेश्वर पटेल, मेघनाथ यादव, मुबारक अली, पूर्णिमा धरम पटेल, प्रेमलता रुपेन्द्र साहू, डेरहा सिंह दीवान ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में नर्रा के छात्र निभाएंगे सहभागिता

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