आनंद ‘पत्रकारश्री’ और जयराम ‘कलाश्री’ की उपाधि से विभूषित, प्रयागराज में हुआ सम्मान समारोह का आयोजन

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महासमुन्द। विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज (उ प्र) के रजत जयंती समारोह-2021 में  देशभर के प्रतिभा संपन्न कलाकारों, साहित्यकारों और कलमकारों को सम्मानित किया गया। मीडिया फोरम ऑफ इंडिया न्यास की ओर से देशभर के 21 राज्यों की प्रविष्टियों में से छत्तीसगढ़ का चयन किया गया था। छत्तीसगढ़ से चयनित एकमात्र पत्रकार आनंदराम साहू को ‘पत्रकारश्री’ सम्मान से विभूषित किया गया। सकारात्मक पत्रकारिता के साथ-साथ उत्कृष्ट समाजसेवा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त करने वाले श्री साहू समारोह में एकमात्र पत्रकार थे।

शॉल, स्मृति चिन्ह और ‘पत्रकारश्री’ की उपाधि पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार साबुन तथा लकड़ी से उत्कृष्ट कलाकृति बनाने वाले महासमुन्द (छत्तीसगढ़) के कला शिल्पी जयराम पटेल को ‘कलाश्री’ की उपाधि से विभूषित किया गया। जयराम पटेल शिक्षक हैं। वे वर्तमान में जिला पंचायत  महासमुन्द अध्यक्ष के निज सहायक का दायित्व निभा रहे हैं।

उत्तरप्रदेश में छा गया छत्तीसगढ़

प्रयागराज (इलाहाबाद) के सिविल लाइंस स्थित हिंदुस्तानी एकेडमी में कोविड-19प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सादगीपूर्ण समारोह का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक थे। अध्यक्षता हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ उदयप्रताप सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि विश्व स्नेह समाज के मुख्य संपादक व संस्थान के अध्यक्ष शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख (महाराष्ट्र), राष्ट्रपति व राज्यपाल से पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी सोनभद्र मंचस्थ थे।

महासमुन्द की अनसूया थीं मुख्य वक्ता

समारोह में मुख्य वक्ता डॉ अनसूया अग्रवाल (महासमुन्द), संस्थान में छत्तीसगढ़ से हिंदी सांसद डॉ मुक्ता कान्हा कौशिक (रायपुर),  लक्ष्मीकांत वैष्णव जांजगीर चाम्पा की उपस्थिति उल्लेखनीय है। संचालन डॉ मधु शंखधर स्वतंत्र, डॉ वंदना श्रीवास्तव और आभार ज्ञापन डॉ पूर्णिमा मालवीय ने किया।

इनका हुआ समारोह में सम्मान

अतिथियों ने देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित करीब 18 प्रतिभागियों को साहित्य रत्न, शिक्षक श्री, काव्य श्री, राष्ट्रीय प्रतिभा, हिन्दी सेवी सम्मान और कलाश्री की उपाधि से विभूषित किया। इनमें नरसिंहपुर (मप्र) से साहित्य रत्न कुशलेन्द्र श्रीवास्तव, लातूर(महाराष्ट्र) से साहित्य शिरोमणि डॉ चंद्रशेखर लोखंडे, लखनऊ (उप्र) से साहित्यश्री डॉ सीमा वर्मा, प्रतापगढ़(उप्र) से शिक्षकश्री डॉ शिकन्दर लाल, आगरा (उप्र) से डॉ रचना सिंह रश्मि, पटना (बिहार) से डॉ अन्नपूर्णा श्रीवास्तव,  वैशाली (बिहार) से डॉ प्रतिभा कुमारी पराशर, पुणे (महाराष्ट्र) से आदि रामचंद्र, औरंगाबाद से वेदांग उदय कुलकर्णी, सुधांशु अनंत परलीकर के अलावा जोधपुर (राजस्थान), इंदौर (मप्र), नई दिल्ली, गुजरात, वाराणसी (उप्र) से बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल थे।