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बागबाहरा, शिक्षकों का प्रेमलीला पर शिक्षा विभाग का क्लीन चिट, भड़कें ग्रामीण, कलेक्टर से शिकायत कर साइबर जांच की मांग

बागबाहरा ब्लॉक में कुछ महीने पूर्व स्कूल में मैडम और शिक्षक पर रासलीला करने का आरोप लगा था, अब शिक्षा विभाग ने इस घटना को क्लीन चिट दे दिया है..इस पर ग्रामीणों ने कई सवाल खड़े किए हैं...

महासमुंद। बागबाहरा ब्लॉक के पतेरापाली स के स्कूल के भीतर मैडम और शिक्षक का रासलीला करने का मामला सामने आया था। इस पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत किया था। शिकायत पर निलंबल जैसे कार्रवाई शिक्षा विभाग द्वारा की गई। लंबी जॉच के बाद शिक्षा विभाग ने क्लीन चिट देते हुए इस  घटना को निराधार बता दिए, इससे एक बार शाला समिति और ग्रामीण भड़क गए हैं। पढ़े पूरा मामला…

जांच पर उठ रहे सवाल

समस्त ग्रामवासी पतेरापाली ‘स’ द्वारा कलेक्टर को दिये गये शिकायत पत्र दिनांक 29.04.2022 में शासकीय प्राथमिक शाला पतेरापाली में दिनांक 11.03.2022 को आरोपी द्वय सहायक शिक्षिका विमला पटेल एवं टेमरी विद्यालय के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य संदीप साहू के कथित आपत्तिजनक स्थिति व अश्लीलता की विडियो वाली प्रकरण से शैक्षणिक संस्था की गरिमा की हुई आहत की वजह से एफआईआर दर्ज करवा कर सायबर पुलिस से जांच व समुचित कार्यवाही के संबंथ में।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

संदर्भ:-शाला प्रबंधन एवं विकास समिति,शा.उ.मा.वि.टेमरी के प्रस्ताव क्र. 08  दिनांक 11.06.2022 को पारित प्रस्ताव जिला महासमुन्द विकास खण्ड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला पतेरापाली (स) में दिनांक 11.03.2022 को कथित अश्लील घटना से संबंधित प्रकरण पर सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त  समस्त दस्तावेज का शाला विकास समिति एवं प्रबंधन समिति, शाउमावि टेमरी द्वारा विश्लेषणात्मक अभिमत के साथ समुचित कार्यवाही हेतु पहल किया जावे ताकि शैक्षणिक संस्था की गरिमा को सदैव बरकरार रखा जा सके।

जांच पर उठ रहे सवाल

सादर निवेदन है कि दिनांक 11.03.2022 को शासकीय प्राथमिक शाला पतेरापाली ‘स’ के शाला भवन के क्लास रुम में सहायक शिक्षिका श्रीमती विमला पटेल एवं तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य संदीप साहू (शा.हा.सें.वि.टेमरी) को आपस में दोनों आपत्तिजनक स्थिति में मिलने व उस अश्लील हरकत की विडियो बनाये जाने का उल्लेख करते हुए समस्त ग्रामवासी पतेरापाली ‘स’ के द्वारा कलेक्टर को दिये गये शिकायत पत्र दिनांक 29.04.2022 एवं सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त समस्त दस्तावेज के आधार पर  निम्नलिखित वस्तुस्थिति को प्रदर्शित करता है।

कई सावल खड़े हो रहे

ग्रामीणों ने शिकायत में कहा कि यह कि पतेरापाली ‘स’ के ग्रामवासियों द्वारा उक्त प्रकरण पर सहायक शिक्षिका श्रीमती विमला पटेल एवं प्रभारी प्राचार्य संदीप साहू के विरुद्ध गंभीर अश्लीलता का आरोप लगाकर शिकायत पत्र दिनांक 29.04.2022 का अवलोकन करें तो शिकायत पत्र में शब्द चयन व प्रयुक्त वाक्य किसी पढ़ा-लिखा बुद्धिजीवी ने ही लेखन में भूमिका निभाया  है। चूंकि शिकायतकर्ताओं में पढ़ा-लिखा प्रतिष्ठित व पूर्व जनपद सदस्य के साथ-साथ  वर्तमान उप सरपंच भी शामिल है।

जबकि जांच अधिकारियों के समक्ष शिकायतकर्ताओं ने अपना बयान में कथित घटना को अफवाह फैलने की वजह से शिकायत किया जाना व कम पढ़ा-लिखा बताया गया है।

जांच पर उठ रहे सवाल

शिकायत में कहा गया कि यह कि बच्चों द्वारा अन्य बच्चों के मोबाईल पर अश्लील वीडियो को वायरल किये जाने का भी शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है तथा श्रीमती विमला पटेल द्वारा विडियो डिलिट करने के लिए धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मतलब साफ है कि शिकायतकर्ताओं ने विडियो देखा है तभी इतनी बड़ी गंभीर आरोप लगाया जाना प्रतीत होता है।

यही वजह है कि श्री संदीप साहू व श्रीमती विमला पटेल द्वारा दिए गए बयान पर अपने आप में अपमानित व आत्मग्लानी होने का जिक्र नहीं किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि आरोपीद्वय द्वारा शिकायतकर्ताओं के ऊपर दबाव डालकर मनचाहा बयान दिलवाया गया है। जिसका प्रमाण कथित अश्लील विडियो से ही मिलना संभव है। विडियो सायबर पुलिस से ही प्राप्त किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने शिकायत में कहा-

यह कि शिकायतकर्ताओं ने बच्चों द्वारा विडियो बनाया जाना,अन्य बच्चों के मोबाईल पर विडियो को वायरल किया जाना तथा श्रीमती विमला पटेल द्वारा बच्चों को विडियो को डिलिट करने की धमकी दिए जाने की आरोप लगाया गया है जिसमें बच्चों के उल्लेख का आशय प्राथमिक शाला पतेरापाली ‘स’ में अध्ययनरत बच्चे या गैर अध्ययनरत बच्चे से हैं को भी स्पष्ट नहीं किया गया है। जिससे जांच कार्य अपूर्ण साबित होता है।

जॉच में घोर लापरवाही

यह कि महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा  दिनांक 02.05.2022 पत्र क्र.1925 में आदेश कर जांच टीम गठित कर तीन दिवस के भीतर जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समझ से परे है कि जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को नजरअंदाज कर नौवें दिन अर्थात् दिनांक 11.05.2022 को एक ही दिन आनन-फानन में जांच कर जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया है। मतलब जांच अधिकारियों ने आरोपियों को जांच कार्य को प्रभावित करने की नीयत से पर्याप्त अवसर दिया है।

वीडियो पर उठ रहा सवाल

जिससे जांच टीम भी संदेह के दायरे में हैं।और यही कारण है कि शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाये गये आरोप को शिकायतकर्ताओं ने ही निराधर निरुपित किया  है। ऐसी परिस्थितिस्थिति में आपत्तिजनक स्थिति की अश्लील  विडियो को ग्रामीणजन कैसे उपलब्थ करा पायेंगे। इससे स्पष्ट है कि शिकायतकर्ताओं व पतेरापाली के ग्रामीणों के द्वारा आरोपीद्वय के दबाव में आकर साक्ष्य को छुपाया जाना परिलक्षित होता है।

यह कि महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त प्रकरण को गंभीर मामले मानते हुए दिनांक 06.05.2022 को आदेश जारी कर श्री संदीप साहू को प्रभारी प्राचार्य पद से हटाकर बीईओ आफीस बागबाहरा में अटैच कर दिया गया।जबकि दिनांक 12.05.2022 को सहायक शिक्षिका श्रीमती विमला पटेल को निलंबित कर दिया गया तथा लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर के संचालक द्वारा  दिनांक 21.06.2022 को व्याख्याता श्री संदीप साहू को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

विद्यालय का साख व गरिमा पर ठेस

यह कि शिकायतकर्ताओं द्वारा दिनांक 11.05.2022 को दिये गये बयान में अपने आपको ज्यादा पढ़ा- लिखा न होना व किये गये शिकायत को अफवाह बताकर किसी के मान-सम्मान व नारी अस्मिता पर कलंक लगाना साथ ही पतेरापाली ‘स’ के विद्यालय व टेमरी विद्यालय का साख व गरिमा पर ठेस पहुंचाये जाने की अपराध की श्रेणी से बचा नहीं जा सकता। बयान में आये इस महत्त्वपूर्ण पहलू पर जांच अधिकारियों द्वारा जांच प्रतिवेदन पर कोई टिप्पणी नहीं किया जाना विद्या के मंदिर, नारी सशक्तिकरण व गुरुजन पर धब्बा मजाक कर अपमानित किया गया है।

जांच पर उठ रहे सवाल

यह कि दिनांक 11.05.2022 को दिये गये बयान पर और चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। गौरतलब है कि आरोपीद्वय श्री संदीप साहू व श्रीमती विमला पटेल ने अपने-अपने दिये गये बयान पर कहीं भी अपने ऊपर लगाये गये गंभीर आरोप पर क्षुब्थ होना, आश्चर्य होना व अपनी मान सम्मान के प्रति चिंतित होने,आत्मग्लानी होने का भाव जाहिर न किया जाना भी कथित अश्लील घटना की ओर इंगित करता है।

जांच पर उठ रहे सवाल

यह कि अब सवाल उठता है कि किसी के चरित्र पर गंभीर आरोप लगे उसके बाद भी यदि अफवाह ही है तो किसने अफवाह फैलाई और शिकायत पत्र को लिपिबद्ध किसने किया,यह भी जांच का बिंदु बनता है मगर जांच अधिकारियों द्वारा क्यों नजरअंदाज किया गया। यह भी जांच अधिकारियों के कर्त्तव्य निर्वहन पर उदासीनता को दर्शाता है।

यह कि बयान में श्रीमती विमला पटेल द्वारा स्कूल के रुम में पंखा के नीचे बच्चों के द्वारा टेबल लगवाने की तथ्य को कबूल किया है। जबकि बच्चों के बयान पर पंखा के नीचे टेबल लगाने की बात को अनभिज्ञता जाहिर किए हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि जिन बच्चों से पंखा के नीचे टेबल लगवाया गया हो उनसे बयान ही नहीं लिया गया हो।

जांच पर उठ रहे सवाल

यह कि दिनांक 11.03.2022 को श्रीमती विमला पटेल द्वारा बयान दिया गया है कि उसके पति ने श्री संदीप साहू को बोले थे  कि मुझे (श्रीमती विमला पटेल को) साथ में श्री संदीप साहू ले आयें। जबकि श्री संदीप साहू का बयान है कि श्रीमती विमला पटेल ने ही उन्हें फोन करके बुलाये।इस विरोधाभासी बयान के भी तह तक जाना जांच अधिकारियों ने उचित नहीं समझा,समझ से परे है।

बागबाहरा स्कूल में प्राचार्य और मैडम का रासलीला, ग्रामीणों ने बनाया वीडियों मैडम संस्पेंड

यह कि शासकीय प्राथमिक शाला पतेरापाली ‘स’ में पदस्थ अन्य कर्मचारियों की बयान को गौर करें तो रसोईया व स्वीपर कथित घटना तिथि को अपने जिम्मेदारी निभा कर घर चले जाना उसके बाद स्कूल में क्या हुआ उस पर अनभिज्ञता जाहिर किये हैं तथा शिकायत के बारे में भी अनभिज्ञता जाहिर किया है।

जबकि श्री संदीप साहू का पतेरापाली पहुंचना 2 बजे दोपहर को होता है तभी तो पंखा के नीचे टेबल लगाने की जरूरत पड़ा। मतलब जानकार व जिम्मेदारी निर्वहन करने वाले कर्मचारी रसोईया और स्वीपर के घर चले जाने के समय के पश्चात् ही श्री संदीप साहू का पतेरापाली स्कूल में पहुंचना हुआ है।इतना ही नहीं बल्कि दिनांक 11.03.2022 को ही प्रभारी प्रधान पाठक  श्री  बेनूराम चौरे भी अन्यत्र थे।

जांच पर उठ रहे सवाल

यह कि प्राथमिक शाला में अध्ययनरत विद्यार्थियों के पास मोबाईल नहीं रहता है और यदि आरोपी द्वय द्वारा कथित आपत्तिजनक स्थिति की विडियो बना भी होगा तो प्राथमिक शाला में गैर अध्ययनरत मोबाईलधारी युवक ही हो सकते हैं। जांच टीम द्वारा ऐसे मोबाईलधारी युवाओं से बयान व छानबीन करना भी मुनासिब नहीं समझा गया है।

अब तो और हद से पार हो गया है कि उक्त प्रकरण को अतिसंवेदनशील मानने वाले जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा सहायक शिक्षिका श्रीमती विमला पटेल को निलंबित किया जाना फिर शिकायतकर्ताओं द्वारा मुकर जाने के पश्चात् भी कथित अश्लील वीडियो की हकीकत की परख एफआईआर दर्ज करवा कर सायबर पुलिस से जानकारी लिये बिना ही श्रीमती विमला पटेल को निलंबन से नि:शर्त बहाल किया जाना शिक्षा जगत को शर्मशार किया गया है।

यह कि श्रीमती विमला पटेल  27 जून 2022 को निलंबन से बहाल हो जाने पश्चात् भी आज पर्य़ंन्त तक चरित्र पर लांछन लगाने वाले शिकायतकर्ताओं के विरुद्ध मानहानि का याचिका दायर नहीं किया जाना भी समझ से परे है।

चर्चा का विषय बना रहा

यह कि उक्त कथित घटना के क्षेत्र में आम चर्चा में होने के कारण से शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, टेमरी में क्षेत्रवासी अपने बच्चों को अध्ययन हेतु  शशंकित व भयभीत हैं तथा कुछ छात्राएं अभी तक स्थानांतरण प्रमाण-पत्र भी ले जा चुके हैं। जिससे क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में बालिकाओं की दर्ज संख्या अत्यधिक है।

गहन जांच किये जाने की आवश्यकता

अंततः उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, टेमरी व शासकीय प्राथमिक शाला,पतेरापाली ‘स’ के गरिमा को सदैव बरकरार रखने तथा इस गंभीर प्रकरण को दूथ का दूध व पानी का पानी करने के लिए उच्च स्तरीय गहन जांच किये जाने की आवश्यकता है तथा कथित आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एफ.आई.आर.दर्ज करवाया जावे ताकि साइबर पुलिस द्वारा संबंधित विडियो को प्राप्त कर संबंधितों पर समुचित दण्डातात्मक कार्यवाही की जा सके सके। जिससे शैक्षणिक संस्थानों के प्रति उत्पन्न शंशकित वातावरण को दूर कर गरिमा को बरकरार रखने में विश्वसनीयता को कायम रखा जा सके।

कलेक्टर से शिकायत

कलेक्टर महासमुंद को पत्र देते हुए डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम जी,मंत्री,शिक्षा विभाग छ.ग.शासन रामपुर द्वारिकाधीश यादव जी, विधायक एवं संसदीय सचिव,शिक्षा विभाग छ.ग.शासन रायपुर, संचालक,लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुन्द को प्रतिलिपि पेश करते हुए  शाला समिति अध्यक्ष  शिव उपाध्याय, सदस्यगण मनोहर ठाकुर, भुवन साहू, डा. राजेन्द्र शर्मा, मिनेश्वर साहू, गणेश साहू, महबूब खान, दयाराम पारकर, ललिता साहू, जयमुनी साहू ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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