बागबाहरा: 1000 रुपए दो और दुनिया घूमो ये कोई ऑफर नही चलानी कार्यवाही है साहब! शासकीय बिल्डिंग ठेकेदार ने पालिका पर लगाया आरोप!

बागबाहरा। कोरोना संकट काल मे अनावश्यक रूप से घूमने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ाई कर चलानी कार्यवाही कर रही है। लेकिन,  कुछ प्रशासनिक अमला द्वारा नगर पालिका के कर्मचारी होने का धौस दिखाकर 1000- 1000 रुपए वसूले भी जा रहे हैं। इन कर्मचारियों का यह भी कहना है 1000 रुपये दो और दुनिया घूमो हमे उससे क्या है।  शासकीय बिल्डिंग ठेकेदार अंकित सिन्हा ने नगर पालिका बागबाहरा के कर्मचारियों द्वारा धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप लगाया है। उन्होंने ने बताया कि मेरा नगर पालिका बागबाहरा से ही बाउंड्रीवाल का काम चल रहा है। जिसके ईट के पेमेंट के लिए आये व्यक्ति को पैसा देने झलप चौक बुलाया था वही पर नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा जांच किया जा रहा था। मेरे द्वारा उन जांच कर्मियों को बताया गया कि शासकीय काम के लिए ईट का पेमेंट करने आया हूं।

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तब भी नपा के कर्मचारी राधेश्याम दीप नही माने और 1000 रुपये की मांग करने लगे। जब शासकीय काम करने के लिए ही पैसे चुकाने पड़े तो हम काम कैसे करे। अंकित सिन्हा ने बताया की 14 अप्रैल से लगे लॉकडाउन के चलते सभी काम बंद पड़े थे। जिन्हें धीरे धीरे चालू करने का प्रयास किया जा ऐसे में इन कर्मचारियों द्वारा काम करने आये लेबरों से भी ऐसे ही पैसे वसूल रहे हैं। जिससे दिहाड़ी मजदूरों का भरण पोषण भी दूभर हो गया है। इन कर्मचारियो द्वारा लोगो से दुर्व्यवहार भी किया जाता है जिससे लोग काफी परेशान है।

इस पूरे मामले  की जानकारी देने के लिए नगर पालिका इंजीनियर को फोन लगाया पर उनका फोन बंद आया वही मुख्यनगर पालिका अधिकारी द्वारा भी फोन रिसीव नही किया गया। अधिकारियों के ऐसे फोन नही उठाने पर छोटे कर्मचारी अपने आप को ही सुप्रीम पावर समझ कर आम लोगो पर धौस दिखाते है और पैसे की मांग करते है।

 SDM ने कहा कार्रवाई नियमों के आधार पर हुई है

S. D. M. JAYSWAL: ने इस मामले में कहा कि सिन्हा के ऊपर की गई चालानी कार्यवाही को लेकर उसने मुझको फोन लगाया था ,मैने तो बात की थी, लॉक डाउन उल्लंधन का मामला था, उस शाम-रात को लॉक डाउन उल्लंधन करते हुए झलप चौक में पकड़े गए थे, वो तो बिना epass या मेडिकल इमरजेंसी के लॉकडाउन उल्लंधन का मामला बन रहा था, जिसमे चालानी कार्यवाही के साथ 15 दिन के लिए गाड़ी थाने में भी खड़ी की जा सकती है।  प्रथम बार था तो चालानी कार्यवाही बस हुआ इसमे गलत क्या है, लॉकडाउन नियमो का पालन है।

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