कोमाखान

कुरियर पार्सल बम से 4 लोगों को उड़ाने वाला निकला प्राचार्य, पिता को मारने रची थी साजिश लेकिन नवविवाहित इंजीनियर बेटे की हुई थी मौत  

बलांगीर जिले के पटनागढ़ में रायपुर से भेजे गए थे पार्सल बम

धमाके से इंजीनियर युवक सहित तीन लोगों की हुई थी मौत

  • दो माह पूर्व ओडिशा के बलांगीर पटनागढ़ में 23 फरवरी 2018 को शादी समारोह में पार्सल बम से विस्फोट करने वाला पकड़ा गया। बतादें कि कुरियर से भेजे गए पार्सल बम में इंजीनियर युवक सहित तीन लोगों की मौत हुई थी।

प्रोफेसर ने इसलिए रची थी साजिश, अब जेल में बंद

  • पार्सल बम से विस्फोट करने वाला पटनागढ़ के ही ज्योति विकास कालेज में अंग्रेजी के प्रोफेसर पुंजीलाल मेहर हैं।
  • वह कालेज का प्राचार्य था, लेकिन पांच महीने पहले उसे हटाकर साथी प्रोफेसर संयुक्ता साहू को प्राचार्य बना दिया।
  • प्रोफेसर संयुक्ता ने प्राचार्य बनने के बाद गड़बड़ियों की फाइल निकालना शुरू करवाई तो गोलमाल के खुलासे से पुंजीलाल डर गया।
  • तब उसने संयुक्ता के बेटे के शादी समारोह में ही उसे मारने की साजिश रची। इंटरनेट से सीखकर उसने पार्सल बम बनाया।

पुंजीलाल ने रची थी फूलप्रूफ प्लानिंग

बलांगिर
आरोपी प्राचार्य
  • मोबाइल का लोकेशन पाटनागढ़ दिखता रहे, इसके लिए वह पटनागढ़ में ही मोबाइल को छोड़ रायपुर पहुंचा।
  • स्कूल के एक छात्र की आईडी का इस्तेमाल कर उसने पार्सल आटो-रिक्शे वाले को भेजकर बुक करवाया और लौट आया।
  • और इसी बम के धमाके से प्रोफेसर संयुक्ता के इंजीनियर बेटे सौम्य शेखर तथा एक अन्य की पाटनागढ़ में शादी से चार दिन बाद घर में मौत हो गई।
  • पुंजीलाल ने फूलप्रूफ क्राइम को अंजाम देने के लिए भारी सावधानी बरती थी।
  • वारदात के एक माह बाद तक पुलिस को यही शक था कि आरोपी रायपुर का ही कोई व्यक्ति है।
  • इस बीच, पाटनागढ़ में प्रोफेसर पुंजीलाल और प्राचार्य संयुक्ता साहू में अनबन की चर्चाएं पुलिस तक पहुंची।
  • पुलिस ने पुंजीलाल का मोबाइल चेक किया तो दो माह से उसकी लोकेशन पाटनागढ़ ही थी।
  • इस बीच पुलिस ने उसके कॉल रिकार्ड निकाले, जिसमें दो-तीन कॉल प्राचार्य के भी थे।
  • इन कॉल्स के बारे में पुलिस ने पूछताछ की तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे।
  • इसी लाइन पर पुलिस आगे बढ़ी और पुंजीलाल से कुछ सख्त पूछताछ हुई तो वह टूट गया और इस तरह हाईटेक साजिश का भांडा फूटा।

ऐसे मिला पुलिस को सबूत

  • पुंजीलाल ने आटोवाले को एके शर्मा का आधार कार्ड दिया और पार्सल बुक करवाने के लिए भेज दिया।
  • कूरियर का कैमरा खराब था, इसलिए किसी का फुटेज नहीं आया।
  • आटोवाला कूरियर करने के बाद लौटा और पुंजीलाल उसी आटो से स्टेशन चला गया। उसने शाम 6 बजे की ट्रेन पकड़ी।
  • जब पूरा मामला खुला, तो पुलिस ने उस वक्त के स्टेशन के फुटेज चेक किए।
  • उसमें पुंजीलाल यहां आता और वापस होता भी दिख गया और इस तरह कड़ियां जुड़ गईं।
  •  प्रोफेसर पुंजीलाल ने बलांगीर पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि पार्सल बम खुद उसी ने बनाया था।इसके लिए उसने यू-ट्यूब पर बम बनाने के तरीके वीडियो से सीखे।
  • उसके लैपटॉप पर पार्सल बम बनाने के 12 अलग-अलग तरीके मिले।
  • बम बनाने के लिए उसने कॉलेज की ही लैब कुछ रसायन चुराए।
  • इसके बाद कालेज के नाम से बाजार कुछ विस्फोट में काम आने वाली सामग्री भी खरीदी।
  • पार्सल बम बनाने के बाद बचा विस्फोटक जमीन में गाड़ दिया।

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