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धान खरीदी में पिछले वर्ष का टूटा रिकार्ड: अब तक 92.80 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दूरदर्शी सोच और उदार फैसलों का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के चालू सीजन में 92.80 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का नया रिकार्ड बना है। पिछले सीजन 2020-21 में आज की स्थिति में 92.02 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हुई थी। गत वर्ष आज के तिथि तक 20.54 लाख किसानों धान बेचा था। इस वर्ष 21.15 लाख किसानों से 92.80 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 17,106.72 करोड़ रूपए जारी कर दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि किसानों की मांग और जरूरत को ध्यान में रखते हुए किसानों के सहुलियत के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी की तिथि एक सप्ताह और बढ़ाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार इस वर्ष 24 लाख से अधिक किसानों से 105 लाख मीटरिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। 27 जनवरी तक लक्ष्य का 88.38 प्रतिशत धान की खरीदी हो चुकी है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप धान खरीदी के साथ ही समांतर रूप से कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आह्वान पर अब तक मिलर्स द्वारा डीओ और टीओ के माध्यम से अब तक 51.12 लाख मीटरिक टन धान का उठाव हो चुका है।

छत्तीसगढ़ राज्य केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने के मामले में भी नया रिकार्ड बनाया है। अब तक 13.449 लाख मीटरिक टन केन्द्रीय पूल में गुणवत्तापूर्ण चावल जमा करा चुके हैं। इनमें भारतीय खाद्य निगम में 7464 लाख मीटरिक टन और नागरिक आपूर्ति निगम में 5985 लाख मीटरिक टन जमा चावल शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, धान के उठाव और कस्टम मिलिंग, रेलवे रेक की व्यवस्था के साथ-साथ केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए खाद्य विभाग, विपणन संघ, नागरिक आपूर्ति निगम, एफसीआई, रेलवे अधिकारियों को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के समन्वय से ही यह उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई की राज्य धान खरीदी के साथ ही केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने का लक्ष्य पूरा करेगा।  खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर इस वर्ष धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का तेजी से उठाव भी किया जा रहा है। अब तक डीओ और टीओ के माध्यम से 51.12 लाख मीटरिक टन धान का रिकार्ड उठाव हो चुका है। वर्मा ने बताया कि 43 लाख 96 हजार मीटरिक टन धान का डीओ जारी कर दिया गया है।

उपार्जन केन्द्रों से मिलर्स द्वारा 38 लाख 35 हजार मीटरिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसी प्रकार 18 लाख 48 हजार मीटरिक टन धान के परिवहन के लिए टी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध समितियों से 12 लाख 77 हजार मीटरिक टन धान का उठाव हो चुका है। खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आह्वान पर मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग कर केन्द्रीय पूल में चावल जमा कराने के मामले में भी नया रिकार्ड बनाया है। अब तक केन्द्रीय पूल में 13.449 लाख मीटरिक टन रिकार्ड चावल जमा कराया जा चुका है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की शुरूआत 1 दिसम्बर 2021 से हुई है। धान खरीदी के समांतर ही खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव और कस्टम मिलिंग भी युद्ध स्तर पर जारी है। इस साल धान बेचने के लिए रिकार्ड 24 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत धान का रकबा भी 30 लाख 15 हजार हेक्टेयर से अधिक है।

खाद्य विभाग के सचिव वर्मा ने बताया कि इस साल उपार्जन धान की कस्टम मिलिंग के बाद चावल का पहला लॉट एफसीआई रायगढ़ में जमा कराने के साथ ही केन्द्रीय पूल में चावल जमा करने की शुरूआत हुई। छत्तीसगढ़ को इस साल केन्द्रीय पूल में 61.65 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल जमा कराना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपार्जित धान का उठाव और कस्टम मिलिंग का काम तेजी से किया जा रहा है।

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