Cyclone Burevi: समुद्री तूफान का खतरा बढ़ा, आज कल और परसों यहां भारी बारिश के संकेत

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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में आए समुद्री तूफान निवार से उबरे कुछ ही दिन हुए हैं अब एक बार फिर Cyclone Burevi: से भारी बारिश के लिए एक नया मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी में सामने आ रहा है। मौसम विभाग ने चेताया है कि आगामी तीन दिन यानी 2 से 4 दिसंबर तक दक्षिण भारत के कई शहरों में भारी से भी बहुत भारी बारिश का खतरा है।
स्कायमेट के मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि वर्तमान मौसमी स्थितियों के आधार पर इस सिस्टम के पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी दिशा में जाने की संभावना है और 2 तथा 3 दिसंबर की समय सीमा के बीच पुदुचेरी तथा तमिलनाडु के आसपास लैंडफॉल कर सकता है। इसके चलते 1 दिसंबर से लेकर 3 दिसंबर तक तमिलनाडु के तटीय और उत्तरी भागों तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में भीषण वर्षा हो सकती है।
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बारिश के चलते व्यापक रूप में नुकसान होने की आशंका है। स्कायमेट वेदर का कहना है कि, 1 दिसंबर से लेकर 3 दिसंबर तक तमिलनाडु के तटीय और उत्तरी भागों तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में भीषण वर्षा हो सकती है। बारिश के चलते व्यापक रूप में नुकसान होने की आशंका है। इस समय यह मौसमी सिस्टम दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी और इससे सटे अंडमान सागर पर है। यही सिस्टम आगामी चौबीस घंटों के दौरान यह और सशक्त बनेगा।

मौसम विभाग IMD का यह है अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-तमिलनाडु (कन्नियाकुमारी, तिरुनेलवेली, थुथुकुडी, तेनकासी, रामनाथपुरम और सिवागंगई) पर 2 और 3 दिसंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तर तमिलनाडु, पुदुचेरी, माहे और कराइकल और उत्तर केरल में 2 और 3 दिसंबर को अलग-थलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा,
4 दिसंबर को भारी वर्षा और 1 दिसंबर को तटीय तमिलनाडु में भारी वर्षा पर भारी वर्षा हो सकती है। आईएमडी के अनुसार मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 1 दिसंबर के दौरान बंगाल की दक्षिण-पूर्व खाड़ी में न जाएं। बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और 1 से 3 दिसंबर तक पूर्वी श्रीलंका तट और कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु-केरल और पश्चिम श्रीलंका 2 से 4 दिसम्बर तक इसका असर जारी रहेगा।
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70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं

स्‍कायमेट वेदर के मुताबिक आगामी 24 घंटों में डिप्रेशन और उसके अगले 24 घंटों में डीप डिप्रेशन की क्षमता में आ जाएगा। यह सिस्टम तूफान बनेगा या नहीं अभी इसको लेकर संदेह है, लेकिन डीप डिप्रेशन तूफान से एक कदम की दूरी पर रहने वाला सिस्टम होता है, इसके चलते भी पूर्वी तटीय भागों में खासतौर पर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के इलाकों पर, जहां इसके तटों से टकराने की संभावना है, उन भागों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भीषण वर्षा होने की आशंका रहेगी।
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वर्तमान मौसमी स्थितियों के आधार पर और मौसम से जुड़े मॉडल से मिल रहे आंकड़ों के आधार पर मौसम वैज्ञानिक यह अनुमान लगा रहे हैं कि यह भी चक्रवाती तूफान निवार के नक्शे कदम पर आगे बढ़ेगा। समुद्र में भी हलचल बढ़ जाएगी इसलिए 30 नवंबर से लेकर कम से कम 3 दिसंबर तक समुद्र में किसी भी तरह की गतिविधि को स्थगित करने का सुझाव है। उस दौरान तटीय इलाकों पर ऊंची ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं जिससे जान और माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए एहतियात के तौर पर समुद्र से आगामी चार-पांच दिनों के दौरान दूर रहने की सलाह दी जाती है।