कोमाखानक्राइम

सचिव की छेड़छाड़ और छूने की चाहत के चलते महिला रोजगार सहायक का परिवार टूटने के कगार पर

महासमुंद।  महिला रोजगार सहायक ने सिनौधा ग्राम पंचायत के सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी और जिला पंचायत सीईओं से न्याय की गुहार लगाई है। रोजगार सहायक ने छह दिन पहले 29 मई को अपने विभाग प्रमुख जिला पंचायत सीईओं को पत्र लिखकर इस घटना की जानकारी दिया। इसके अलावा जब थाने पहुंची तो उन्होंने पटेवा थाना में विवेचक पर बयान को तोड़ मरोड़ कर लिखने की बात कही। कार्रवाई होते नहीं दिखी तो  रोजगार सहायक ने एसपी को इसकी जानकारी 31 मई को दिया। साथ ही एसपी से कहा कि उनके बयान किसी महिला पुलिस से लिया जाए। हालांकि तीन बाद थाने में मामले की एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच चल रही है।

रोजगार सहायक ने सीईओं को दिए पत्र में क्या लिखा खुद पढ़िए

  • सचिव कमरे में अकेले बुलाता है और जबरदस्ती तथा छेड़ने की कोशिश करता है।
  • रोजगार सहायक ने आवेदन में कहा कि सिनौधा में पदस्थ सचिव आत्मा राम साहू मुझे रोजगार गारंटी में चल रहे कार्य में फर्जी नाम डालने दबाव बनाता है।
  • बिना कार्य किए पंचों का नाम डालने मजबूर करते हैं।
  • चूकिं मै महिला हूं, इसलिए चारित्रिक शोषण करने का दवाब करने का आरोप उन्होंने शिकायत में बताया है।
  • इस वजह से परिवारिक क्लेश बढ़ गया है तलाक तक की स्थिति निर्मित हो गई है।
  • सचिव द्वारा तांत्रिक विद्या जानता हूं कहकर वह मुझे फंसाने की कोशिश करता है।

पुलिस अधीक्षक से महिला ने ऐसे लगाई गुहार

  • उन्होंने 29 मई को पटेवा पहुंच कर शिकायत की
  • उन्होंने कहा कि पटेवा में पदस्थ विवेचक धनीराम दीवरान ने उनके बयान को तोड़मरोड़ लिखा है वह सचिव आत्माराम का दोस्त है।
  • पहले दिन जो आवेदन थाने में दिया उसे गुम होने की बात धनीराम द्वारा कही गई।
  • दूसरे दिन शाम 4 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक मेरा बयान लिया गया।
  • बयान लेने के दौरान बार-बार आत्मा राम के पक्ष में बयान डलवाने की कोशिश की गई।
  • साढे चार घंटे के दौरान तीन से चार बार बयान को फाड़ा गया।
  • मेरे पति साथ में थे चुकिं मै महिला हूं, मेरे बयान महिला पुलिस से लेना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
  • पति और विवेचक पुरूष होने के कारण कई अहम बात नहीं बता पा रही थी।
  • उन्होंने 31 मई को दिए आवेदन में एसपी से कहा कि वह किसी महिला पुलिस कर्मचारी के सामने बयान देना चाहती है।

छह दिन बाद दर्ज नहीं हो पाई रिपोर्ट दर्ज

  • पटेवा में पदस्थ विवेचक धनीराम दीवान ने कहा महिला बार-बार बयान बदल रही थी, अगर महिला पुलिस को बयान देना चाहती है, तो बयान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा साढ़े चार घंटे तक बयान लिया गया, कही पर भी किसी का पक्ष नहीं लिया गया है।अभी जांच चल रही है जांच के बाद एफआईआर दर्ज किया जाएगा।
    एसपी को ऐसे लिखा आवेदन
शिकायत की प्रतियां

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button