सावधान, CG सरकार ने कोरोना वॉर रूम बनाया, ओमिक्रॉन को लेकर बढ़ी चिंता

रायपुर। केंद्रीय हेल्थ सचिव की ओर से ओमिक्रॉन (omicron) पर अलर्ट के बाद CG में भी कोविड-19 वॉर रूम (war room) बन गया है। नया रायपुर के इंद्रावती भवन स्थित हेल्थ संचालनालय में बुधवार दोपहर बाद से यह वॉर रूम (war room) शुरू कर दिया गया। यहीं से प्रदेश भर में कोरोना (CORONA) के हालात की समीक्षा और निगरानी की जाएगी।

हेल्थ विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने ISDP के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई को कोविड-19 वॉर रूम (war room) का प्रभारी बनाया है। विभाग ने एक फोन नंबर 0771-2235091 भी जारी किया है। किसी भी तरह की सलाह और मार्गदर्शन के लिए कार्यालयीन समय में इस नंबर पर फोन किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया, हेल्थ विभाग ने देश में ओमिक्रॉन (omicron) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं हेल्थ अफसरों को जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं।

भेजा था पत्र

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 21 दिसम्बर को एक पत्र लिखा है। इसके अनुसार, कोविड का नये वैरिएंट ओमिक्रॉन (omicron) का संक्रमण तीन गुना तेजी से फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना के नए क्लस्टर्स से सभी नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने रोकथाम के लिए सभा, सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध और नाइट कर्फ्यू जैसे उपाय करने को भी कहा है।

देश भर में ओमिक्रॉन (omicron) के बढ़ते मामलों से सरकार की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नए खतरे की चेतावनी देते हुए राज्यों को पत्र लिखा है। इसके मुताबिक कोरोना का नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (omicron) का संक्रमण तीन गुना तेजी से फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कोरोना के नए क्लस्टर्स से सभी नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने रोकथाम के लिए सभा, सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध और नाइट कर्फ्यू जैसे उपाय करने को भी कहा है।

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केंद्रीय हेल्थ

केंद्रीय हेल्थ सचिव ने अपने पत्र में कहा है, जिला स्तर पर पॉजिटिव आ रहे आंकड़ों की कोविड प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक प्रसार, हॉस्पीटलों के बुनियादी ढांचे और उसके उपयोग, कंटेनमेंट जोन के आधार पर निरंतर समीक्षा होनी चाहिए। जिला स्तर पर प्रभावी निर्णय लेने का यही आधार होना चाहिए। इस तरह की रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण फैलने से पहले स्थानीय स्तर पर ही इसे नियंत्रित किया जा सके। राज्यों को पिछले एक सप्ताह के 10% से अधिक पॉजिटिव रिपोर्ट का परीक्षण करने को कहा गया है।

इसके साथ ऑक्सीजन (oxygen) वाले या आईसीयू बिस्तरों पर 40% या अधिक का बिस्तर भरे होने की स्थिति में नियंत्रण के उपाय शुरू करने को कहा गया है। ऐसा होने पर प्रतिबंध तत्काल लगाने को कहा गया है। कहा गया है, नए क्लस्टर में कोरोना संक्रमण फैलने पर उसे तत्काल कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाए। बफर जोन बनाया जाए। ऐसे क्लस्टर के सभी पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब को भेजा जाए ताकि ओमिक्रॉन (omicron) वैरिएंट की पहचान की जा सके। ऐसे क्षेत्रों में रात्रि कर्फ्यू, सभाओं पर प्रतिबंध और विवाह और अन्त्येष्टि जैसे आयोजनों में लोगों की संख्या सीमित की जा सकती है।

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