छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाया लॉजिस्टिक्स पार्क प्लान, ऐसे मिलेगा लोगों को लाभ

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लॉजिस्टिक्स पार्क नीति 2018 का अनुमोदन किया गया। यह नीति नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल 2018 से लागू होगी। इसकी अवधि 31 मार्च 2023 तक अर्थात पांच वर्ष के लिए निर्धारित की गयी है। इसका उद्देश्य राज्य में लॉजिस्टिक्स सेवा के क्षेत्र को विकसित करना तथा राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि करना है। इस नीति से लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना का आधुनिकीकरण एवं मशीनीकरण होने के साथ-साथ रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा। इस नीति से राज्य में बड़े आकार के लॉजिस्टिक्स पार्क निजी निवेश से स्थापित कराए जाएंगे। नीति में लॉजिस्टिक्स पार्क को उद्योग का दर्जा देते हुए आकर्षक निवेश प्रोत्साहन दिए गए हैं। नीति के तहत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 50 हजार मेट्रिक टन भण्डारण क्षमता का लॉजिस्टिक्स पार्क 30 माह के भीतर बनाना जरूरी होगा। इसमें राज्य के स्थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की औद्योगिक नीति की शर्त यथा अकुशल श्रेणी में न्यूनतम 90 प्रतिशत, कुशल श्रेणी में न्यूनतम 50 प्रतिशत एवं प्रबंधकीय/प्रशासकीय श्रेणी में न्यूनतम 33 प्रतिशत रखना होगा। लॉजिस्टिक्स पार्क के डेव्हलपर को पार्क का संचालन और संधारण कम से कम दस वर्ष तक स्वयं करना होगा।

प्रत्येक जिले में केवल एक पार्क को नीति में घोषित अनुदान छूट एवं रियायतों की पात्रता होगी। लॉजिस्टिक्स पार्क के अंतर्गत निम्नांकित न्यूनतम घटक अपेक्षित है:-अनिवार्य अधोसंरचना के अंतर्गत भूमि और भूमि विकास, पहुंच मार्ग, विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति, आंतरिक सड़कें और नालियां, लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना, प्लांट एवं मशीनरी (यांत्रिक सुविधाएं), आधारभूत अधोसंरचना और साईलो का निर्माण। लॉजिस्टिक्स सेवाओं के अंतर्गत माल परिवहन, लोडिंग, अनलोडिंग, वेयर हाऊसिंग, कस्टम एवं अन्य क्लियरेंस, असेम्बलिंग ऑफ गुड्स, टेक्निकल टेस्टिंग, क्वालिटी इंस्पेक्शन, सप्लाई चेन प्रबंधन, नाप-तौल व्यवस्था, पैकिंग और रिपैकिंग की व्यवस्था, बीमा एवं अन्य सुसंगत वित्तीय सहयोगी सेवाएं तथा एयर कार्गो। इस नीति के अन्य महत्वपूर्ण आकर्षक प्रावधान इस प्रकार होंगे-
1. नवीन लॉजिस्टिक्स पार्क को दिए जाने वाले अनुदान तथा छूट व रियायतें-स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत स्थायी पूंजी निवेश का 35 प्रतिशत, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ से 15 करोड़ रूपए होगी।
2. ब्याज अनुदान-लॉजिस्टिक्स नीति के तहत छह वर्ष से सात वर्ष तक कुल भुगतान किए गए ब्याज का 50 से 60 प्रतिशत अधिकतम सीमा 60 लाख से एक करोड़ रूपए तक वार्षिक।
3. विद्युत शुल्क से छूट-केवल नवीन लॉजिस्टिक्स पार्कों को आठ वर्ष से दस वर्ष तक पूर्ण छूट।
4. स्टाम्प शुल्क से छूट।
5. डेव्हलपर द्वारा किए गए कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान पर पांच वर्षों तक प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रूपए प्रति वर्ष होगी।
6. अधिकतम 50 वाहनों पर वाहन पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

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