छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को किया खारिज…कहा, ‘कुछ तो हमारे मित्र हैं, कुछ मीडिया के साथी हैं, जो इसको हवा देते रहे हैं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में CM बदलने की अटकलों पर CM भूपेश बघेल ने विराम लगा दिया है. उन्होंने कहा ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला गठबंधन की सरकारों में लागू होता है. यहां यह नहीं चलेगा. CM उस दिन बदलेगा जिस दिन आलाकमान कहेगा. ढाई साल में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को CM भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने खारिज कर दिया. CM बघेल ने कहा कि ये सारी बातें महज कयास हैं. दिल्ली दौरे पर आए CM भूपेश बघेल ने कहा, ‘कुछ तो हमारे मित्र हैं, कुछ मीडिया के साथी हैं, जो इसको हवा देते रहे हैं. हाईकमान का निर्देश हुआ कि आपको शपथ लेनी है तो हमने शपथ ले ली. जिस दिन वह कहेंगे कि आपको नहीं रहना, किसी दूसरे को बनना है तो उस दिन दूसरा बन जाएगा.’

छतीसगढ़ के CM ने कहा कि आलाकमान ने मुझे जिम्मेदारी दी है. बनाने और हटाने का काम आलाकमान करता है. खुद जो CM हैं वह नहीं करते.जहां गठबंधन की सरकारें होती हैं वहां ऐसी बातें होती हैं. यहां तो 3 चौथाई से अधिक का बहुमत है. कांग्रेस का किससे समझौता होगा. यदि किसी और पार्टी के साथ सरकार बनाई होती तो समझौता होता. इसलिए सारी बातें कयास हैं. CM बघेल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचे थे. हालांकि उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से नहीं हो सकी. उनकी जगह महासचिव प्रियंका गांधी उनसे मिलीं.

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ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले का सच

दरअसल, छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल में CM बनने के फॉर्मूले की चर्चा भूपेश बघेल के CM बनने के बाद ही शुरू हो गई थीं. कयास लगाए जा रहे थे कि टीएस सिंहदेव और CM भूपेश बघेल के बीच पार्टी आलाकमान ने ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय किया था. हालांकि, इस मसले पर TS सिंहदेव, भूपेश बघेल और कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से किसी तरह का औपचारिक बयान अब तक नहीं आया है.

बतादें, है कि राज्य में सियासी घमासान मचा हुआ है. बीते  महीने ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ मंत्री TS सिंहदेव ने अपनी ही सरकार की नीतियों का विरोध किया है. TS सिंहदेव ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अनुदान पर निजी अस्पताल खोलने की CM भूपेश बघेल की योजना का विरोध किया था. उन्होंने बयान दिया था कि जिस समय सरकार को पब्लिक सेक्टर को मजबूत करना चाहिए, उस समय पैसों की कमी के बावजूद सरकार निजी अस्पतालों को अनुदान क्यों दे रही है. और सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद कोई निजी अस्पताल मुफ्त में ग्रामीणों का इलाज नहीं करेगा. छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल ने 26 जून को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ सुविधा बेहतर करने के नामपर निजी अस्पताल खोलने पर अनुदान देने की घोषणा की थी, जिस संबंध में TS ने यह बयान दिया था और इसपर अब विपक्ष आक्रामक है.