छत्तीसगढ़: पता चला कि अब हम इस दुनिया से होने वाले हैं विदा, बुलाई पंडित गीता सुनी दी दान, पहले पति फिर पत्नी ने तोड़ा दम

जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिले के बनारी गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर आप विश्वास करने में हिचकिचाएंगे। इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक बुजुर्ग दंपती अपनी मौत के पहले ही इन्हें पता चल गया था। हांलाकिं कहते हैं कि मनुष्य को मौत का अहसास पहले होता है लेकिन यह केवल किस्सा ही लगता है।

बकायदा बुजुर्ग दंपत्ति ने पंडित को बुला कर गीता सुनी और दान भी दिया। इसके बाद सोने चले गए। सोने से पूर्व बुजुर्ग ने अपने परिजनों से कहा कि ये उनकी आखिरी नींद है और वे चल बसे। घटना के 24 घंटे बाद बुजुर्ग की पत्नी ने भी उनके घरवालों को बुलाया और बोलें कि वो अब कुछ ही समय की मेहमान है। परिवार के लोगों को जीवन अच्छी तरह सेरहने की सलाह दी और उनका भी निधन हो गया।

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बनारी गांव का रहने वाले शीतला प्रसाद पांडेय (80) और उनकी पत्नी द्रौपदी बाई रहते थे। शीतला प्रसाद पांडेय सेवानिर्वत टीचर थे। रामशंकर पांडेय और गोपाल प्रसाद पांडेय इनके दो और भाई हैं। शीतला प्रसाद पांडेय की कोई संतान नहीं है। रिटायरमेंट (Retirement) के बाद वे गांव में ही रहते थे। बीते गुरुवार की रात को शीतला प्रसाद पांडेय (Sheetla Prasad Pandey) को अपनी मौत का पूर्वाभास हुआ। उन्होंने अपने भतीजे से गांव के पंडित राकेश तिवारी (Rakesh Tiwari) को फोन कर बुलवाया। शीतला प्रसाद ने उनसे कहा कि तबीयत ठीक नहीं लग रही हैं, वे उन्हें गीता सुना दें।

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