रायपुर: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम सेल में एक दर्दनाक हादसा हुआ। 46 वर्षीय महिला प्रभा साहू, जो खेती-बाड़ी करती थीं और अपने परिवार में दो बेटियां और एक बेटे की मां थीं, खेत में धान की पराली साफ करने के लिए आग लगा रही थीं।
जानकारी के अनुसार, प्रभा साहू सुबह अपने खेत में फसल कटाई के बाद बची पराली को जलाने लगी थीं। अचानक हवा के तेज झोंके से आग फैल गई और वह खुद आग की लपटों में घिर गईं। पराली के धुएं से दम घुटने के कारण वह मौके पर ही मृत पाई गईं।
पड़ोसी किसान रामू साहू ने धुआं देखकर तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी और कसडोल पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की और शव पीएम के लिए भाटापारा मेडिकल कॉलेज भेजा। प्रारंभिक जांच में यह हादसा आग लगाने के दौरान हुआ प्रतीत होता है। फॉरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है।
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इस घटना ने पराली जलाने के खतरों को फिर से उजागर किया है। राज्य सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान चलाया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने की प्रथा अभी भी आम है। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली को जलाने के बजाय खाद या बायोगैस में इस्तेमाल करना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक मुआवजा देने और किसानों को पराली प्रबंधन पर प्रशिक्षण देने की मांग की है।






















