🔥 छत्तीसगढ़ की बेटी संजू ने रचा इतिहास: भारत को दिलाया वर्ल्ड कप, बनीं मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर

संजू

रायपुर/दुर्ग/कोरबा: छत्तीसगढ़ की होनहार बेटी संजू देवी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के सामने कोई बाधा मायने नहीं रखती। ढाका में 15 से 25 नवंबर तक आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता, और इस जीत में सबसे अहम भूमिका रही कोरबा की संजू देवी की। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (MVP) चुना गया।


🔷 रायपुर और दुर्ग में संजू का जबरदस्त स्वागत

वर्ल्ड कप जीतने के बाद 26 नवंबर को संजू रायपुर पहुंचीं, जहां उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे दुर्ग सांसद विजय बघेल से मिलीं, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी टीम को बधाई दे चुके हैं।


🔷 “मैच बेहद चुनौतीपूर्ण थे” — संजू देवी

संजू ने कहा कि टूर्नामेंट में कुल 11 टीमों के खिलाफ मुकाबले हुए और हर मैच चुनौतीपूर्ण रहा।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय टीम, कोच और माता-पिता को दिया और छत्तीसगढ़ की बेटियों को संदेश देते हुए कहा—
“जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना है, उसकी पूरी निष्ठा से मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी।”


🔷 एशियन चैंपियनशिप में भी लहराया था परचम

मार्च 2025 में ईरान में आयोजित 6वीं महिला एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भी संजू ने स्वर्ण पदक जीता था। उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर ही उन्हें वर्ल्ड कप टीम में चुना गया। टूर्नामेंट के पहले मैच से ही वे सबसे अलग दिखीं और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनीं।


🔷 छत्तीसगढ़ की धरती से निकली विश्व विजेता

संजू देवी कोरबा जिले के दूरस्थ पाली ब्लॉक के केराकछार गांव की रहने वाली हैं।
उनके पिता रामजी यादव किसान हैं और परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति से आता है। संजू ने गांव में ही पढ़ाई की और बचपन से ही कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। पिता बताते हैं—
“हमने हमेशा गरीबी में गुजारा किया, लेकिन बेटी को कभी रोका नहीं। उसकी लगन देखकर आज पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है।”

गांव में अब उनके स्वागत की जोरदार तैयारियाँ चल रही हैं।


🔷 भारत का लगातार दूसरा महिला कबड्डी वर्ल्ड कप

भारतीय महिला टीम ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतकर अपना दबदबा साबित किया।
इससे पहले 2012 में पटना में आयोजित टूर्नामेंट में भारत विजेता बना था।


ये भी पढ़ें...

कुलिया गांव के श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य पं. त्रिभुवन

कलयुग में नाम-जप ही मोक्ष का मार्ग, शाकाहार और वैदिक जीवन से ही मानव जीवन सार्थक, कुलिया गांव के श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य पं. त्रिभुवन मिश्रा जी महाराज का संदेश

#SanjhuDevi #ChhattisgarhPride #KabaddiWorldCup #TeamIndia #MVP #Korba
[wpr-template id="218"]