CM बघेल और मंत्री TS आज दिल्ली. ?क्या बदलने जा रहे हैं CG के CM? राहुल गांधी से आज होगी मुलाकात

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राजनितिक ड्रामा

रायपुर। प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चल रहे उठापटक के बीच अब जल्द ही दिल्ली में दस्तक देने जा रही है. प्रदेश के CM भूपेश बघेल और राज्य मंत्री TS सिंह देव मंगलवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं और जानकारी के मुताबिक दोनों राहुल गांधी से मुलाकात भी करेंगे. उनके साथ ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष PL पुनिया भी राहुल से मिलेंगे. बताया जा रहा है कि CM बघेल सोमवार शाम को 8.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बतादें, है कि छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के सीएम की चर्चा थी और ढाई साल बीत जाने के बाद भी TS सिंह देव सीएम नहीं बनाए जाने की बात को लेकर नाराज चल रहे हैं.

प्रदेश में कांग्रेस 90 में से 70 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही ढाई साल के सीएम के फॉर्मूले पर चर्चा होती रही है.

CM बघेल के पूरे हुए ढाई साल

CM  भूपेश बघेल के ढाई साल 17 जून को पूरे हो गए हैं. ऐसे में एक बार फिर CM के बदले जाने को लेकर लगातार कयास लगाए जाते रहे हैं. सीएम की कुर्सी पर बघेल के बाद बैठने की दौड़ में TS सिंह देव का नाम सबसे आगे है. उनके समर्थन में कई MLA व मंत्री भी हैं. लेकिन एक बड़ा तबका बघेल को ही CM  बने रहने देना चाहता है.

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साधी मौन

वहीं कांग्रेस आलाकमान ने ढाई साल के फॉर्मूले पर कभी भी कुछ खुलकर बात नहीं की. न ही इस संबंध में कोई भी बयान जारी किया गया. वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष PL पुनिया ने इस बात को सिरे से नकारते हुए कहा था कि ऐसी कोई बात ही नहीं है. ढाई ढाई साल का कोई फॉर्मूला प्रदेश में नहीं है और न ही लागू किया जाएगा.

वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस संबंध में कोई भी जानकारी होने से मना किया था. उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई फॉर्मूला है तो उसकी जानकारी या तो दिल्ली को, सीएम को या फिर स्वास्थ्य मंत्री को होगी. उन्होंने कहा कि सभी बातें केवल और केवल कयासों पर ही निर्भर हैं.

BJP ने कसा तंज

वहीं अब मामले को तूल पकड़ता देख विपक्ष भी हमलावर हो रहा है. BJP के अनुसार ढाई-ढाई साल के CM का फॉर्मूला कयास नहीं है और ये तय है कि ऐसा निर्णय लिया गया था. BJP ने प्रहार करते हुए कहा कि इस सरकार की प्राथमिकता विकास करना नहीं है, इस सरकार की प्राथमिकता छत्तीसगढ़ नहीं है. इस सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना और कुर्सी बचाना ही है.