कलेक्टर ने झाड़ा पल्ला: भ्रष्ट्राचार के खिलाफ जंग लड़ रहे सुधाकर को बताया आदतन झगड़ेबाज

महासमुंद 16 मई 2021। भष्ट्राचार को लेकर अपने घर पर अनशन कर रहे अफसर सुधाकर बोदले सोशल मीडिया में आज दिनभर छाएं रहे। साथ ही लोगों ने सोशल मीडिया में तारिफों के पूल तक बांध डाले। यहां तक पूर्व छत्तीसगढ़ के पूर्व मिनिस्टर अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया में यह भी कह डाला कि सब ले देके बने हैं… कुछ न कुछ तो करेंगे ही…!! ये क्यों बिना मतलब के बैठ गया है…..?? (देख लेना कोई कार्यवाही नहीं होगी) मिनिस्टर के तंज के बाद एक यूसर ने कहा- बोदले sir हमेशा से ईमानदार छवि का रहा है, पूरा तंत्र में इतना भ्रष्टाचार है कि आवाज उठाने वाले को दोषी बना दिया जाता है।

दिनभर अनशन के बाद रविवार शाम को महासमुंद कलेक्टर डोमन सिंह ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि किसी प्रकार के भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान का यह मामला दिखाई होने की बात कही। उन्होंने इस मामले की जांच राज्य और प्रशासन स्तर पर चलने की बात कही।

कलेक्टर ने अनशन को बताया गलत

साथ कलेक्टर ने सुधाकर के अनशन एवं सत्याग्रह ग़लत बताते हुए कहा कि बोदले विभागीय अधिकारियों द्वारा जारी आदेश/निर्देश का पालन कभी भी नहीं किया हमेशा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों/निर्देशों का उल्लंघन करते रहे है। सुधाकर द्वारा प्रतिकूल व्यवहार किया जा रहा है। जो कि छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। इस प्रकार उनके द्वारा शासन की छवि खराब की जा रही है एवं शासकीय कार्यो में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है। जिले में कोविड पैनडेमिक अंतर्गत धारा 144 लागू है जो कि किसी भी व्यक्ति विशेष/शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को अनशन एवं सत्याग्रह हेतु प्रतिबंधित करता है।

यहां पढ़ें: गांधीगिरी: महासमुंद भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने ही विभाग के अफसर अनशन पर बैठे

मनोज सिंहा ने स्पष्ट किया कि जब से जिले में उनकी पदस्थापना जिला कार्यक्रम अधिकारी महासमुंद के पद पर हुआ है तभी से सुधाकर बोदले जिला महिला बाल विकास अधिकारी महासमुंद को समस्या हो रही है। पूर्व में श्री बोदले जिला कार्यक्रम अधिकारी महासमुंद के प्रभार में पदस्थ थे। इसलिए सुधाकर बोदले समय-समय पर कोई न कोई समस्या उत्पन्न कर मनोज सिंहा का छवि खराब करने का प्रयत्न करते रहे है। सुधाकर वर्तमान वरिष्ठ अधिकारी मनोज सिंहा एवं कनिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रति द्वेषपूर्ण व्यवहार करते है।

पूर्व पदस्थ जिला बस्तर एवं सुकमा में भी उनके द्वारा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस प्रकार की कार्य कर समस्या उत्पन्न करते रहे है। वहां भी उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध खराब रहे है एवं शासकीय आदेशों/उच्च अधिकारियों के आदेशों का अवहेलना करते रहे हैं।

यहां पढ़ें: महासमुंद: गजब यहां अपने ही विभाग में हुए भष्ट्राचार को लेकर अनशन करेंगे ये अफसर, 10 लाख से उपर की राशि हजम कर गए भष्ट्राचारी

हमसे जुड़िए

https://twitter.com/home             

https://www.facebook.com/?ref=tn_tnmn

https://www.facebook.com/webmorcha/?ref=bookmarks

https://webmorcha.com/

https://webmorcha.com/category/my-village-my-city/

9617341438, 7879592500,  7804033123