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शौचालय निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी लेकिन जांच नहीं, ग्रामीण प्रशासन का लगा रहे चक्कर

महासमुंद। स्वच्छ भारत और मनरेगा के तहत बनाए गए शौचालय निर्माण में भारी गड़बड़ी हुआ है। प्रदेश के अकेले महासमुंद जिले में शौचालय निर्माण में करोड़ों रुपए की घोटाला हुआ है। मृत व्यक्ति, जो गांव में रहता ही नहीं, कर्मचारियों के नाम पर गरीबी रेखा की सूची में शौचालय बनाई गई है। मनरेगा वेबसाइट में इसका कई उदाहरण देखने को मिल रहा है। (वेवमोर्चा के पास दस्तावेज मौजूद)

http://शौचालय निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी सरपंच-सचिव डकार लिए

मंगलवार को खरोरा के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में दूसरी बार शौचालय के अंतर्गत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि मांगने पहुंचे थे। बतादें कि इन ग्रामीणों की राशि सरपंच-सचिव ने आहरित कर ली है लेकिन फर्जी दस्तखत कर इनकी राशि हड़प ली है। बकायदा ग्रामीण दस्तावेजों के साथ प्रशासन को शिकायत कर रहे हैं। लेकिन कार्रवाई और जांच नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।

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खरोरा के ग्रामीण
  • 04 जुलाई 2018 को खरोरा के हितग्राहियों ने कलेक्टर से शिकायत किए थे।
  • इसके बाद मंगलवार 23 जुलाई को शिकायत किए हैं।
  • इसके पहले कार्रवाई और जांच नहीं होते देख ग्रामीण 16 जुलाई 2018 को जनपद पंचायत में शिकायत किए थे।
  • खरोरा के ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय निर्माण अपने स्वयं के खर्च किया है।
  • जिसका प्रोत्साहन राशि का भुगतान पंचायत द्वारा आज तक नहीं किया गया।

 

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ग्रामीणों ने बताया कि खरोरा सचिव एवं सरपंच के द्वारा इनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। सच ये है कि हम सभी लोगों प्रोत्साहन राशि पंचायत के सचिव और सरपंच के द्वारा डकार ली गई है। सभी जानकारी प्रगति रिपोर्ट बिल वाउचर इस आवेदन के संलग्न है। इनमें बिल वाउचर स्वयं सरपंच के ही सूमन ट्रेडर्स के नाम से ही है। जिससे यह प्रतीत होता है कि हम सभी लोग का शौचालय राशि सरपंच और सचिव के मिलीभगत से हड़प कर लिया गया है।

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