Cyclone Yaas: बेहद डेंजर हुआ चक्रवात ‘यास’, बंगाल में 2 की मौत, 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

भुनेश्वर। चक्रवात ‘यास’ मंगलवार की शाम को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। इसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों से 12 लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

चक्रवात ‘यास’ के बुधवार को ओड़िशा के भद्रक जिले में धर्मा बंदरगाह पर पहुंचने से पहले ही यह प्राकृतिक घटना घटी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह अप्रत्याशित था। चक्रवात ने चिनसुराह पर कहर बरपाया, 40 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। 2 व्यक्तियों की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक एम. महापात्र ने कहा कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए ‘रेड कोडेड’ चेतावनी जारी की गई है। महापात्र ने कहा कि उत्तर-पश्चिम और बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान यास भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।

Cyclone Yaas, Weather forecast Today Live Updates: चक्रवात यास मंगलवार की शाम को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक एम. महापात्र ने दी। आईएमडी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए रेड कोडेड चेतावनी अलर्ट जारी किया है।

महापात्र ने कहा- उत्तर पश्चिम और बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान यास भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। ये उत्तर- उत्तर पश्चिम की तरफ मुड़ सकता है तथा इसकी तीव्रता और अधिक हो सकती है। यह बुधवार की सुबह तक उत्तर ओडिशा में धर्मा बंदरगाह के पास दस्तक दे सकता है।

आईएमडी के चक्रवात चेतावनी विभाग ने कहा कि ये बुधवार की दोपहर उत्तर ओडिशा – पश्चिम बंगाल में पारादीप और सागर द्वीप के तटों के बीच धर्मा के नजदीक से भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में गुजर सकता है। इसने बताया कि पारादीप में डोप्लर मौसम रडार से इसकी निगरानी की जा रही है।

चक्रवाती तूफान यास के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने की आशंका है। इसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों से लाखों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। झारखंड ने भी अलर्ट जारी किया है और चक्रवात के प्रभाव के मद्देनजर तैयारी की जा रही है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनके प्रशासन ने नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं, ओडिशा सरकार का कहना है कि उसने सुरक्षा को देखते हुए तटीय जिलों से दो लाख से अधिक लोगों को निकाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि यास के मंगलवार शाम तक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है।

‘चक्रवात यास’ पर गृह मंत्री अमित शाह आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के साथ बैठक करेंगे और तैयारियों की समीक्षा करेंगे। लेकिन बैठक से पहले ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि वो शाह द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगी।

ओडिशा में सबसे अधिक 52 और पश्चिम बंगाल में 45 टीमों को तैनात किया गया है। इनके अलावा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में बाकी टीमों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने ट्वीट किया कि दो राज्यों ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पहली बार सबसे अधिक टीमों को तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे पहले किसी भी चक्रवात के लिए इतनी अधिक टीमों को इन दो राज्यों में तैनात नहीं किया गया था। जरूरत पड़ने पर यहां टीमों की तैनाती बढ़ाई भी जा सकती है।

इन टीमों में 47 कर्मी हैं। वे पेड़ या खंभे कांटने की मशीनों, संचार उपकरणों, हवा भर कर चलाई जाने वाली नौकाओं और बुनियादी चिकित्सा सहायता से लैस हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि चक्रवाती तूफान यास के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने का अनुमान है।

चक्रवाती तूफान ‘यास’ के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बारे में बताया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास ने बताया कि जिले में धमरा और चांदबाली के बीच चक्रवात के दस्तक देने का अनुमान है।

आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि ‘यास’ के मंगलवार शाम तक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के छह घंटे पहले और बाद तक इसका गंभीर असर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गृह राज्य मंत्री डी एस मिश्रा को राज्य के उत्तरी हिस्से में हालात की निगरानी करने के लिए बालासोर भेजा है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तटवर्ती जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम तेजी से हो रहा है और दोपहर तक 50,000 लोग सुरक्षित शिविरों में चले गए हैं। उन्होंने बताया कि ‘यास’ के तट तक पहुंचने के बहुत पहले ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

चक्रवात के दस्तक देने के दौरान समुद्र में 2-4.5 मीटर की लहरें उठने के अनुमान के चलते लोगों को को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आईएमडी ने मंगलवार सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर जारी अपने बुलेटिन में कहा कि ‘यास’ के अगले 12 घंटे में उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा में बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि यह प्रवाह पिछले छह घंटे के दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। सुबह साढ़े पांच बजे यह यह पारादीप (ओडिशा) से करीब 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और दीघा (पश्चिम बंगाल) से 420 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था।

ओडिशा के मयूरभंज जिले और पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों में हवा की रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। ओडिशा के पुरी, कटक, खुर्दा और जाजपुर जिले तथा पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और उत्तरी 24 परगना जिलों में 80-90 किलोमीटर रफ्तार की हवाएं 110 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने अगली सूचना तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी बुधवार तक कई पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है।