महासमुंद। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है और इसी के साथ कोमाखान धान खरीदी केंद्र में इस वर्ष की पहली बोहनी किसान दिनेश चंद्राकर (सुअरमार) ने की। किसान ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी, पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। लगभग 176 क्विंटल धान का टोकन कटाने के बाद उन्होंने सुचारू रूप से पूरा धान विक्रय किया।
दिनेश चंद्राकर के अनुसार यह सिर्फ धान बेचने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत का सम्मान है। उन्होंने कहा—
“समय पर टोकन मिला, केंद्र में व्यवस्था बहुत अच्छी थी। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। राज्य शासन की नीति किसानों के हितों की रक्षा करती है और हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाती है।”
सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई खरीदी
कोमाखान धान उपार्जन केंद्र में इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित और पारदर्शी रही। दिनेश ने बताया कि शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों को नई मजबूती दी है।
उन्होंने कहा—
“आज पूरे समय प्रक्रिया में एक मिनट का भी विलंब नहीं हुआ। पूरा काम नियम के अनुसार हुआ, इससे हम किसानों में विश्वास बढ़ा है।”
3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी
किसान दिनेश ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
उनके अनुसार—
“इस निर्णय से हमारी आय बढ़ेगी, खेत और परिवार दोनों की स्थिति में सुधार आएगा।”
किसान मजबूत तो प्रदेश मजबूत
दिनेश चंद्राकर ने कहा कि सरकार की नीति से किसानों को नई ताकत मिली है।
उन्होंने कहा—
“किसान मजबूत होगा, तभी प्रदेश मजबूत होगा। समर्थन मूल्य ने आत्मविश्वास बढ़ाया है और भविष्य सुरक्षित करने में मदद करेगा।”








