रायपुर

बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग की साढ़े चार सौ महिलाएं राजधानी के अध्ययन भ्रमण पर पहुंची, महिलाओं को दी गई कानून की जानकारी

रायपुर। राजधानी रायपुर के अध्ययन भ्रमण पर आईं महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारियों को विभिन्न कानूनों की जानकारी दी गई।
हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर, नया रायपुर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में महिलाओं को विधिक जागरुकता के साथ ही आजीविका प्रबंधन एवं सरकार की योजनाओं के बारे में बताया गया।
राज्य शासन के हमर छत्तीसगढ़ योजना में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला स्वसहायता समूहों के ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन की 448 पदाधिकारी दो दिनों के अध्ययन भ्रमण पर रायपुर आई हुईं हैं।
इनमें बस्तर, सरगुजा, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं धमतरी जिले की महिलाएं शामिल हैं।

दहेज और टोनही प्रताड़ना पर दी जानकारी

आवासीय परिसर में दोपहर में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में रायपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता शाहिर लुधियानवी खान ने स्वसहायता समूह की पदाधिकारियों को आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण, दहेज प्रताड़ना और टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून की जानकारी दी। उन्होंने आपसी समझौते से निपटाए जा सकने वाले मामलों को शासन द्वारा समय-समय पर आयोजित लोक अदालतों में निपटाने का सुझाव दिया।
वित्तीय सहायता के बारे में बताया
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक वीकेश अग्रवाल ने स्वसहायता समूह की महिलाओं को आजीविका निर्माण एवं संवर्धन के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता के बारे में बताया।

बचत करने के बताए नुस्खे

उन्होंने बचत खाता खुलवाकर ‘सखी’ बैंक के जरिए महिलाओं को अपनी बचत बढ़ाने के नुस्खे भी बताए।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को लघु फिल्म दिखाकर बचत के लिए प्रेरित किया गया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विकास विस्तार अधिकारी जे.के. मिश्रा और सहायक विकास विस्तार अधिकारी उदय राम कामड़े ने स्वसहायता समूह की पदाधिकारियों को राज्य एवं केन्द्र सरकार की अनेक योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने हमर छत्तीसगढ़ योजना के उद्देश्यों एवं भ्रमण स्थलों के बारे में भी बताया।

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