छत्तीसगढ़ शिक्षकों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दें: अलका चंद्राकर

महासमुंद। करोना महामारी  के संक्रमण दिनों दिन अपना पैर पसार रहा है प्राय प्रत्येक गांव मोहल्ला इससे अछूता नहीं है इस कठिन दौर में शिक्षक गण अपनी पूरी निष्ठा इमानदारी से कोरोना रोकथाम जागरूकता हेतु अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। ड्यूटी के दौरान अब तक महासमुंद जिले के 26 शिक्षकों ने कर्तव्य निर्वहन करते अपने प्राणों की आहुति दे दी हैं।

पूरे प्रदेश में अब तक सैकड़ों शिक्षकों ने जान गवा दी हैं फिर भी सरकार द्वारा उन्हें कोरोना वारियर्स का दर्जा ना देना शिक्षकों के प्रति अन्याय हैं जिससे कि शिक्षकों एवं उनके परिवार में रोष व्याप्त हैं अलका चंद्राकर जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों को कोरोनावारियर्स का शीघ्र दर्जा देकर उन्हें सम्मान दें और मृत शिक्षकों जो कोरोना के दौरान मृत हुए हैं।

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उन्हें शासन द्वारा ₹5000000 का मुआवजा दे साथ ही शिक्षक वर्ग हेतु 5000000 बीमा कवर का प्रावधान हो नियमों में शिथिलता बरतते हुए मृत शिक्षकों के आश्रितों को तत्काल तृतीय वर्ग में अनुकंपा नियुक्ति दें शिक्षक ही हैं जो शासन के आदेश का अक्षर से पालन करते हुए कोई भी कार्य चाहे जनगणना कहो संपर्क अभियान हो सर्वे का कार्य हो कोई भी कार्य करने में पीछे नहीं हटते हैं लेकिन शिक्षकों के हित की बात होती है तो शासन प्रशासन द्वारा अनदेखी करना उचित नहीं है।

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