बालोद। गांव की राजनीति अब व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी से निकलकर सीधे पंचायत कोर्ट में पहुंच गई है। ग्राम मेढ़की के ग्रामीणों ने तय कर लिया है कि अब “कान में फूंक” मारकर आग लगाने वालों की खैर नहीं—क्योंकि अब चुगली मुफ्त नहीं, ₹5000 प्रति अफवाह के हिसाब से पड़ेगी!
🗣️ “तुमने उसके बारे में क्या कहा?” अब पड़ेगा महंगा
गुरुवार सुबह 8 बजे हुई सामूहिक बैठक में गांव वालों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि
👉 जो भी व्यक्ति एक की बात दूसरे तक पहुंचाकर माहौल गरम करेगा, उसे सीधा ₹5000 का जुर्माना देना होगा।
यानि अब गांव में “Breaking News” बनने से पहले लोग दो बार सोचेंगे—
“भाई, ये खबर शेयर करूं या जेब ढीली करूं?”
🍻 दारू पीकर भोज में एंट्री? No Entry, सीधा Penalty!
ग्रामीणों ने एक और कड़ा नियम लागू किया है—
👉 अगर कोई सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम में शराब पीकर पहुंचता है, तो उसे भी ₹5000 का दंड भरना होगा।
मतलब अब “खाना खाने आया था, माहौल बनाने नहीं”—यह लाइन सच में लागू हो गई है।
🤝 गांव का लक्ष्य: शांति, भाईचारा और कम गॉसिप
गांव वालों का साफ कहना है कि चुगली की वजह से आपसी विवाद बढ़ते हैं।
इसलिए जेब पर चोट मारकर आदत सुधारने की योजना बनाई गई है।
👉 सीधा मैसेज:
“चुगली छोड़ो, शांति जोड़ो!”
😄 निष्कर्ष
मेढ़की गांव ने एक नया “सामाजिक स्टार्टअप” लॉन्च कर दिया है—
जहां गॉसिप महंगा और भाईचारा सस्ता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि
👉 गांव में पहले चुगली बंद होती है
या लोग “5000 वाली खबर” को भी रिस्क लेकर वायरल करते हैं!





















