सरकारी Hospital के डॉक्टर की लापरवाही: मह‍िला के पेट में छोड़ा रुई का गोला, 2 महीने बाद हुआ ये

महाराष्ट्र में सरकारी Hospital के डॉक्टर की लापरवाही सामने आई है. सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मह‍िला के पेट में रुई का गोला रह गया. जब 2 महीने बाद इसका पता चला और महिला को Hospital में भर्ती कराया, तब तक देर हो चुकी थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

महाराष्ट्र में बुलढाणा जिले के संग्रामपुर तहसील के कवठल की पूजा पाखरे को प्रसूति के लिए 7 अप्रैल को खामगांव उप-जिला सामान्य Hospital में भर्ती कराया गया था. नॉर्मल डिलीवरी नहीं होने के कारण पूजा का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया जहां उसने एक फूल से बच्चे को जन्म द‍िया.

 ड‍िलीवरी के 4 से 5 दिन बाद पूजा के पेट मे अचानक तेज दर्द उठा. उसे 11 अप्रैल को अकोला के सरकारी Hospital में रेफर किया गया. तबीयत ठीक होने के बाद 19 अप्रैल को घर लाया गया लेकिन 10 जून को फिर दर्द उठा. परिवार वाले उसे खामगांव के डॉक्टर अरविंद पाटिल के Hospital ले गए.

वहां उसकी सोनोग्राफी की गई तो पता चला कि उसके पेट में कुछ है. पूजा के पति ने उसे इलाज के लिए मायके भेजा. वहां पर शरद काले नामक डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया तो पेट में से बैंडेज (कपास का गोला) निकला.

पढ़े पूरा किस्सा दोबारा हुए ऑपरेशन की त्रासदी से पूजा को ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ी तो उसे बुलढाणा के सहयोग Hospital में भर्ती किया गया लेकिन पूजा को पॉइजनिंग हो गई. इलाज के दौरान पूजा की मौत हो गई और अपने 2 महीने बच्चे को छोड़ गई.

मृतक पूजा के पति ने डॉक्टर के लापरवाही की शिकायत अस्पताल प्रशासन, पुलिस प्रशासन से की है. बुलढाणा के सिविल सर्जन डॉक्टर नितिन तडस ने बताया कि हमे इस संदर्भ में शिकायत मिली है. मामले की जांच के लिए 6 लोगों की जांच समिति बनाई है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.