आटो/गैजेट

स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर बोले: प्रदेशवासियों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में शासकीय एवं निजी ब्लड बैंकों में गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित रक्त उपलब्धता तथा निरन्तर चिकित्सा शिक्षा की अत्याधुनिक पद्धति विषय पर आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।

  • शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए चन्द्राकार ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। जन सामान्य को सुरक्षित रक्त पहुंचाने के लिए सतत प्रयास किया रहा है।

ब्लड बैंकों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी

  • स्वास्थ्य मंत्री चंद्राकर ने बताया कि वर्ष 2003 में केवल सात की संख्या में ब्लड बैंक उपलब्ध थे, जो बढ़कर अब 25 हो गए हैं।
  • राज्य में निजी क्षेत्रों में ब्लड बैंकों की संख्या 52 है, जहां से लोगों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • चंद्राकर ने कहा कि राज्य स्तर के स्वास्थ्य संस्थाओं को सतत रूप से आयुर्विज्ञान संस्थान से समन्वय बनाकर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर काम किया जा सकता है।
  • उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लोग भी आम आदमी तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं।
  • निजी क्षेत्रों में भी नीति-निर्देश प्रोटोकाल के अनुरूप होगा, तो आम आदमी को भी सफलता अवश्य मिलेगी।

ब्लड व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर

यहां पढ़िए: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा स्वास्थ्य…

  • कार्यशाला को समाज कल्याण विभाग के सचिव आर प्रसन्ना ने भी सम्बोधित किया।
  • प्रसन्ना ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भी प्रदेश के कुछ जिलों में ब्लड की उपलब्धता तो पर्याप्त है, लेकिन पूरे राज्य में ब्लड व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।
  • उन्होंने ब्लड बैंकों के लिए अलग से पॉलिसी बनाने पर बल दिया।
  • संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रानू साहू ने कहा कि अत्याधुनिक नेट (न्यूक्लियर एसीड टेस्ट) मशीन के माध्यम से ब्लड की जांच एम्स व राज्य शासन के प्रयास से किया जाना आवश्यक है।
  • इस दिशा में विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। हर समय नये-नये टेक्नॉलाजी की मशीनें बन रही है।
  • इसी के साथ हमें चलने की आवश्यकता है। ताकि मरीजों को और भी सुरक्षित रक्त मिल सके।
  • कार्यशाला में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रण पी.वी.नरसिम्हा राव, विशेष सचिव स्वास्थ्य ए.पी. त्रिपाठी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक (एम्स) डॉ. नितिन नागरकर, अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. एस.के. बिंझवार, महानिदेशक सिकलसेल इंस्टीट्यूट डॉ. अरविन्द नेरल, एम्स अधीक्षक डॉ. अजय दानी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button