तामा सिवनी के सुप्रसिद्ध सेंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू ने कबीर जयंती पर बनाए रेत से कलाकृति

महासमुंद। तामा सिवनी के सुप्रसिद्ध सेंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू ने कबीर जयंती पर बनाए रेत से कलाकृति

आज संत कबीर (Sant Kabir) की जयंती है. इसे संत कबीर का 624वां प्राकट्य दिवस भी कहा जा रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास पूर्णिमा को कबीर जंयती के रूप में हर साल मनाया जाता है. संत कबीर निर्गुण भक्ति काव्यधारा के प्रसिद्ध कवि हैं. संत कबीर ने अपने दोहों में ईश्वर का चित्रण प्रेमी के रूप में किया है खुद को प्रेमिका बताया है. संत कबीर का निर्वाण स्थल संत कबीर नगर के मगहर में है. संत कबीर ने अपने दोहों के जरिए जीवन और रिश्तों के गूढ़ रहस्यों को बड़ी सादगी से उजागर किया है. संत कबीर के बीजक, कबीर ग्रंथावली, कबीर रचनावली, साखी ग्रंथ, अनुराग सागर की रचना की जोकि संसार भर में काफी प्रसिद्ध है. आज संत कबीर जयंती पर हम आपके लिए लेकर आए हैं संत कबीर के कुछ मशहूर दोहे जिन्हें पढ़कर आप ईश्वर की सूफियाना भक्ति से भर जाएंगे…

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तामा सिवनी के सुप्रसिद्ध सेंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू ने कबीर जयंती पर बनाए रेत से कलाकृति
तामा सिवनी के सुप्रसिद्ध सेंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू ने कबीर जयंती पर बनाए रेत से कलाकृति