होलाष्टक: इन पांच कार्यो की शुरूआत बिल्कुल न करें, नहीं तो हो सकता है नुकसान

होलाष्टक इस साल होली (Holi) 29 मार्च को मनाई जाएगी। लेकिन होली से 8 दिन पहले से होलाष्टक शुरू हो जाता है। हिंदू धर्म में होलाष्टक के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। शुभ काम करने से नुकसान होने की आशंका रहती है। होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से लेकर फाल्गुन की पूर्णिमा तक रहती है। फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है।

होलाष्टक के दौरान नहीं करने चाहिए यह काम

नामकरण संस्कार– होलाष्टक के दौरान बच्चे का नामकरण संस्कार (Naming ceremony) नहीं कराना चाहिए। क्योंकि नाम से ही वह पहचाना जाता है। नाम का असर जीवन पर सबसे ज्यादा पड़ता है। नामकरण संस्कार को शुभ अवसर और मुहूर्त के अनुसार कराना चाहिए।

विद्यारंभ संस्कार – होलाष्टक के मौके पर बच्चों की शिक्षा शुरू नहीं करनी चाहिए। हिंदू धर्म में शिक्षा के बेहद ही शुभ माना जाता है। जो गुरू की देखरेख में होता है।

संपत्ति खरीद-बिक्री- इन आठ दिनों में लोगों को संपत्ति की खरीदी-बिक्री नहीं करनी चाहिए। माना जाता है इस दौरान यह कार्य करने से फलित नहीं होता है।

विवाह–  विवाह का बंधन पवित्र और शुभ माना गया है। यही कारण है कि हिंदू धर्म (Hindu Religion) में इन दिनों में विवाह करने की मनाही होती है। हिंदू धर्म में विवाह को बेहद अहम संस्कार माना गया है। यह किसी भी व्यक्ति के जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार होता है।

नया कारोबार या नौकरी – होलाष्टक के मौके पर नई नौकरी या कारोबार शुरू नहीं करना चाहिए। इसकी शुरूआत होलाष्टक पूरा हो जाने के बाद ही करें।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्रह्लाद को बेहद कष्ट सहना पड़ा था। इसलिए इन 8 दिनों के समय को बेहद नकारात्मक ऊर्जा वाला माना जाता है। इस वजह से ही शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।  होलाष्टक के समय भगवान का भजन, जप, नाम स्मरण करना चाहिए। इन दिनों में अपने इष्टदेव की आराधना करनी चाहिए।

हमसे जुड़िए

https://twitter.com/home

https://www.facebook.com/?ref=tn_tnmn

https://www.facebook.com/webmorcha/?ref=bookmarks

https://webmorcha.com/

https://webmorcha.com/category/my-village-my-city/

9617341438, 7879592500,  7804033123

Leave a Comment