आटो/गैजेटमहासमुन्द

बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र और मितानिन से संपर्क कर खून की कराए जांच

महासमुंद। जिले मे मलेरिया रोग प्रसार की संभावनाओ को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.बी. मंगरूलकर एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.व्ही.पी. सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बुखार आने पर अपने-अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अथवा मितानिन से संपर्क कर खून की जॉच कराए एवं उनके द्वारा दी गई दवाई का निर्धारित मात्रा में सेवन करें,।

कराया जा रहा डीडीटी स्प्रे कार्य

  • डॉ..मंगरूलकर ने बताया कि जिले के 116 संवेदनशील ग्रामों में दो चक्रो में (जिन ग्रामो का ए.पी.आई.2से अधिक है )16 अप्रैल 2018 से डी.डी.टी. स्प्रे का कार्य कराया जा रहा है।
  • उन्होंने बताया कि प्रत्येक मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास मलेरिया रोधी औषधि पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध है।
  • इसके साथ सभी विकासखंडो में अत्याधिक मलेरिया प्रभावित क्षेत्रो में 1 लाख 53 हजार मच्छदानी का वितरण किया गया है।

मच्छरदानी का उपयोग करें

  • सभी जन प्रतिनिधियों, ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्यों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे वितरित किए गए मेडिकेटेड मच्छरदानियों का सोते समय अवश्य उपयोग करें।
  • इससे मलेरिया रोग से बचाव तो होगा ही साथ में सर्प, बिच्छु एवं जहरीले कीड़ो से भी बचाव होगा।
  • उन्होंने मितानिनो एवं स्वयं सेवकों की सहायता से मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उनका विनिष्टीकरण सुनिश्चित करने हैंण्डपंप के आस-पास एवं अपने घरो के आस-पास पानी जमा ना होने दें।
  • क्योकि मादा ऐनोफिलिस मच्छर यही पनपते है एवं इनके काटने से मलेरिया होता है।
  • इसलिए ऐसे गडढो को मिट्टी से भर दे, गड्‌ढों में जला हुआ मोबिल ऑयल डाले एवं घरों मे नीम की पत्ती का धुंआ करें।
  • ताकि मच्छरों के प्रसार पर रोक लगाते हुए मलेरिया रोग पर नियंत्रण पाया जा सके।
  • उन्होंने सभी मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे बुखार से पीड़ित लोेगो का तत्काल उनकी रक्त पट्टी बनाए एवं आर.डी.कीट से जांच कर उपचार करें।
  • आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में भर्ती कराएं।

विशेष कुष्ठ जांच अभियान 2 से

  • जिले में आगामी 2 जुलाई से 16 जुलाई तक विशेष कुष्ठ जांच, खोज एवं उपचार अभियान चलाया जाएगा।
  • इस अभियान में कुष्ठ मरीजों को चिन्हांकित कर उन्हें एमडीटी उपचार शुरू किया जाएगा।
  • मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इसके लिए महासमुंद एवं बागबाहरा विकासखंड के पांच-पांच ग्राम पंचायतों एवं पिथौरा विकासखंड के 12 ग्राम पंचायतों तथा बसना एवं सरायपाली के 10-10 ग्राम पंचायतों का चयन कर अभियान चलाया जाएगा।
  • उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ मितानिन, पटवारी, सचिव, रोजगार सहायक एवं कृषि विस्तार अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा।
  • कुष्ठ अभियान सर्वेक्षण के लिए दो सदस्यीय दल का गठन भी किया जाएगा। जिसमें एक पुरूष कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ता रहेंगे। सर्वेक्षण के दौरान सभी व्यक्तियों की जांच किया जाएगा।

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