मध्यप्रदेश

पाटसेंद्री में किसानों को दी गई केंचुआ खाद उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी

महासमुंद। देश के 111 महत्वाकांक्षी जिलों का चयन कृषक कल्याण अभियान के लिए किया गया है। इसमें महासमुंद जिले को भी सम्मिलित किया गया है।

  • कार्यक्रम की समयावधि एक जून से 31 जुलाई 2018 के बीच रखी गई है।
  • इन तिथियों में जिले के सभी ब्लाकों से शासन द्वारा चयनित किए गए 25 ग्रामों में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कृषि की उच्च तकनीक के बारे में जानकारी देना है, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य विभाग के विशेषज्ञो द्वारा कृषकों को कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी।
  • इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि आय को दोगुना कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है एवं कृषकों को कृषि की उच्च तकनीक से अवगत कराना है, जिससे उत्पादन लागत में कमी लाकर उत्पादन को बढ़ाया जा सकें।

पाटसेंद्री में हुआ प्रशिक्षण

  • कृषक कल्याण अभियान योजना के अंतर्गत सरायपाली ब्लॉक के ग्राम पाटसेन्द्री में कृषक प्रशिक्षण सह जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  • कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पाटसेन्द्री ग्राम के सरपंच किशन पटेल थे।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा केंचुआ खाद उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य परिक्षण, मशरुम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, किचन गार्डन के संबंध में कृषको को प्रशिक्षण दिया गया।
  • इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक कुणाल चन्द्राकर, हुमांयू, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एल. के. भोई, उद्यानिकी विभाग के एस. के. पटेल, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी धृतलहरे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सरायपाली मांझी, कृषक संगवारी नारायण चौधरी, ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी विवेक सिंह सहित कृषकगण उपस्थित थे।

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