महासमुन्द

जातिगत आरक्षण के विरोध में व्यापक असर, पटेवा के लोगों ने स्वत: दुकानें की बंद

महासमुंद .

जातिगत आरक्षण के विरोध में पटेवा बंद रहा, व्यापारियों ने इस दिन अपनी दुकानें ही नहीं खोली, बसें आती-जाती रही लेकिन कोई यात्री नहीं मिले। बंद के दौरान ग्रामीणों एवं व्यापारियों ने बैठक कर जातिगत आरक्षण पर विरोध जताया बैठक में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन तैयार किया, जिसमें लिखा है कि जातिगत आरक्षण के कारण जो परिवार आर्थिक रूप से सम्पन्न हो चुके हैं वे पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जिसके कारण अनारक्षित गरीब परिवारों को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं पारिवारिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.

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  • अनारक्षित वर्ग के गरीब परिवार विकास की धारा से काफी पिछड़ते जा रहे हैं, अतः जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक आरक्षण व्यवस्था लागू किया जाना जनहित में आवश्यक होगा।

प्रधानमंत्री और राष्टपति के नाम ज्ञापन

  • राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम से तैयार ज्ञापन को पुलिस थाना पटेवा में सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से मनोहर साहू, सुनील पटेल, नरेश अग्रवाल, विकास अग्रवाल, नारायण साहू, सुरेन्द्र सिंह, प्रवीण सिंह, तरूण पाटकर, घनश्याम साहू, हितेश देवांगन, केशव चन्द्र, शंभु यादव आदि शामिल थे. बन्द के दौरान पटेवा में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

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