अपहरण के बाद जवान की मर्डर: 40 दिन बाद माओवादियों ने अपहरण और हत्या की बात स्वाकारी…. पर्चा जारी कर लिखा- सुरक्षा कारणों से लाश और मर्डर की खबर नहीं दे पाए थे

कांकेर। 40 दिन पूर्व अपहरण  किए जवान की नक्सलियों ने मर्डर  कर दी है। मनोज नेताम 28 अप्रैल को माओवादियों ने अपहरण कर लिया था, हालांकि उस दौरान माओवादियों की तरफ से कांस्टेबल के अपहरण को लेकर किसी तरह की सूचना नहीं दी गई थी, लेकिन आज प्रेस नोट जारी कर नक्सलियों ने जवान मनोज नेता की मर्डर कर देने की बात कही है। माओवादियों ने अपने पर्चा जारी कर कहा है कि सुरक्षा के कारणों के चलते जवान की हत्या की जानकारी वो देर से दे रहे हैं, वहीं परिजनों को शव नहीं दे पाने की बात कही है।

बतादें, 28 अप्रैल को कांकेर के कोडेकुर्सी थाने में पदस्थ सहायक आरक्षक मनोज नेताम ड्यूटी जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन ड्यूटी नहीं पहुंच सका। जवान की मोटरसाईकिल  और चप्पल जंगल में मिली थी, हालांकि जहां ये मोटरसाईकिल  मिली थी, वो राजनांदगांव का मानपुर जिला बताया जा रहा था, जो कांकेर से सटा था। हालांकि शक उसी समय से था कि जवान का अपहरण नक्सलियों ने कर लिया है।

मैकेनिकल इंजीनियर ने रायपुर तेलीबांधा मरीन ड्राइव तालाब में कूदकर दे दी जान

शनिवार आज माओवादियों ने पर्चा जारी कर कहा है कि मनोज नेताम की मर्डर कर दी गई है। नक्सलियों का आरोप है कि पुलिस मुखबिर के तौर पर वो काम कर रहा था और माओवादियों को नुकसान पहुंचा रहा था। माओवादियों ने ये भी लिखा है कि कई बार मनोज नेताम को पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन वो बच जा रहा था, लेकिन 28 अप्रैल को गुरिल्ला दस्ता ने उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की और फिर उसे मार डाला।