महासमुन्द

जानिए…शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने किन-किन प्राचार्यों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केन्द्रित करें: कलेक्टर

महासमुंद। जिला कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने शुक्रवार को यहां जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय गतिविधियों का विस्तार से समीक्षा की।

  • उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता को विशेष रूप से ध्यान में रखना है। शिक्षा गुणवत्ता के लिए हर संभव प्रयास करने के के साथ-साथ विशेष पहल की जानी चाहिए।
  • इसके लिए विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकगण विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित करें।
  • उन्होंने यह भी कहा कि जिले के सभी संकुल प्रभारी सतत् मानिटरिंग करें और जिन विद्यालयों में किसी तरह के समस्या हो उसे चिन्हांकित कर दूर करने का प्रयास करें।

इन प्राचार्यों की हुई सराहना

  • उन्होंने हाल ही में दसवीं एवं बारहवीं परीक्षा में बेहतर परीक्षा परिणाम प्रदान करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों एवं उनके स्टॉफ की सराहना की।
  • उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम अच्छे है, उस विद्यालय को कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाना चाहिए और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • साथ ही उन्होंने ऐसे विद्यालयों के प्राचार्यों के प्रति नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए है, जिनका परीक्षा परिणाम संतोषप्रद नहीं है।

इन प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

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  • जिला कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को बैठक में कहा कि जिन विद्यालयों के दसवीं एवं बारहवीं के परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं है, उनके प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस तत्काल जारी करें।
  • महासमुंद के डीएमएस विद्यालय की प्राचार्य प्रभा थिटे, तुमगांव विद्यालय के प्राचार्य पी.एल. चंद्राकर, झलप हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य के.के. सेठ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए है।
  • इसके अलावा बागबाहरा हाई स्कूल के प्राचार्य एस.एस. ठाकुर, कुडेकेल के प्राचार्य दिलचंद पालेकर, रेमड़ा के प्राचार्य दशरथ पटेल, पिथौरा हायर सेकेण्डरी के प्राचार्य एस.पी. ताण्डे, कन्या विद्यालय भंवरपुर के प्राचार्य विजेन्द्र सिदार, कन्या विद्यालय सरायपाली के प्राचार्य जे.के बुडेक एवं झिलमिला के प्राचार्य गीता तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने प्रभावी कदम उठाए

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  • समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा परिणाम और बेहतर होना चाहिए। इसके लिए शिक्षक विशेष रूप से प्रभावी कदम उठाए।
  • उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के विकासखंडों में समय-समय पर प्राचार्यों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ले और शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रयास करें।
  • उन्होंने यह भी कहा कि संकुल प्रभारी विशेष रूप से ध्यान रखें कि आठवीं कक्षा से उत्तीर्ण पूरे बच्चे नवमीं कक्षा में प्रवेश ले।
  • बैठक में उन्होंने कहा कि जहां पर शिक्षक नहीं है वहां ई-क्लास प्रारंभ कराए। जिन विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध है, वहां स्मार्ट क्लास प्रारंभ सुनिश्चित करें।

एक भी खाली नहीं होना चाहिए

  • उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रावासों में सीटों के अनुसार छात्रों के प्रवेश सुनिश्चित करें, एक भी सीट खाली नहीं होना चाहिए, इसके लिए आदिवासी विकास विभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी आपसी समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
  • शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि आगामी शिक्षा सत्र की अभी से तैयारी सुनिश्चित कर लें।
  • शासकीय योजनाओं के तहत छात्रों के पंजीयन कराए।
  • उन्होंने समर कैंप को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने एवं निर्धारित गतिविधियों के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  • उन्होंने कहा कि नवमीं कक्षा में शत- प्रतिशत शाला प्रवेश सुनिश्चित किए जाए।

ज्ञान उत्थान अभियान होगा प्रारंभ

  • उन्होंने कहा कि ज्ञान उत्थान अभियान प्रारंभ किया जाएगा। परीक्षा परिणाम बेहतर रखने के प्रयास किए जाए और कोशिश हो अधिक से अधिक छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो।
  • उन्होंने विद्यालयों में क्वाटर्ली परीक्षाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रश्न पत्र विषयवार सेट कर लेवें और उसकी तैयारी अभी से रखें।
  • बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. कुर्रे, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बलभद्र सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी उपस्थित थे।

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