Saturday, January 16, 2021
Home एजुकेशन/हेल्थ/रोमांस इस मौसम में लौकी और कुम्हड़ा खाने के फायदें जानकार आप चौक...

इस मौसम में लौकी और कुम्हड़ा खाने के फायदें जानकार आप चौक जाएंगे, अभी से करें से अपने डाइट में शामिल

शरद ऋतु में कुम्हड़ा का फल परिपक्व होने के साथ इस मौसम में खाने से शरीर को कई फायदें मिलते है। शहद ऋतु के साथ नवरात्र समाप्त होते ही शरद पूर्णिमा के साथ दीपावली होती है। देश के अधिकांश हिस्से में गोवर्धन पूजा के दिन घरों के भोजन में कुम्हड़ा और लौकी की सब्जी विशेष रूप से बनाई जाती है। जो बहुत ही स्वादिष्ट होता है। ऐसे तो शरद ऋतु में प्रकृति अल्लड़ लेती है। इस समय उपजने वाली हर तरह की सब्जियां लाभप्रद होती है। इसके साथ ही दुध, दही अनाज को काफी लाभप्रद बताया गया है।

जानिए लौकी के फायदें

लौकी को हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसे खाने से पेट में भारीपन नहीं रहता, बल्कि यह शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक है। प्रतिदिन तरोताजा बने रहने के लिए, नमक या मसाले डालकर लौकी का जूस पीना कारगर उपाय है।

वजन कम – लौकी का सबसे बड़ा फायदा है, कि यह आपका वजन बहुत जल्दी कम करने में सहायक होती है। इसलिए इसे उबालकर नमक के साथ खाया जाता है, या फिर इसका जूस पिया जाता है। बार-बार पानी पीने से भी न बुझे प्यास, तो आजमाएं 5 घरेलू नुस्खे

यहां पढ़ें: शरद पूर्णिमा 2020 : चन्द्रमा की चांदनी में करें 8 काम मिलेंगे कई फायदें… जानिए इस बार मनाएंगे “शरद पूर्णिमा”
पाचन – लौकी पाचन संबंधी समस्याओं का उत्तम इलाज है, साथ ही यह एसिडिटी में भी लाभप्रद है। लौकी को अपने भोजन में शामिल करने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है। आर्थराइटिस में जरूर आजमाएं, कच्चे आलू का 1 उपाय
डाइबि‍टीज – डाइबिटीज के मरीजों के लिए लौकी का सेवन एक प्रभावकारी उपाय है। डाइबि‍टीज में खाली पेट लौकी का सेवन करना बेहतर होगा।

जानिए कुम्हड़ा के फायदें

कद्दू ठंडक पहुंचाने वाला होता है। इसे डंठल की ओर से काटकर तलवों पर रगड़ने से शरीर की गर्मी खत्म होती है। कद्दू लंबे समय के बुखार में भी असरकारी होता है। इससे बदन की हरारत या उसका आभास दूर होता है। कद्दू का रस भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
यह मूत्रवर्धक होता है और पेट संबंधी गड़बड़ियों में भी लाभकारी रहता है। यह खून में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक होता है और अग्नयाशय को भी सक्रिय करता है। इसी वजह से चिकित्सक मधुमेह के रोगियों को कद्दू के सेवन की सलाह देते हैं।
कद्दू के बीज भी बहुत गुणकारी होते हैं। कद्दू व इसके बीज विटामिन सी और ई, आयरन, कैलशियम मैग्नीशियम, फॉसफोरस, पोटैशियम, जिंक, प्रोटीन और फाइबर आदि के भी अच्छे स्रोत होते हैं। यह बलवर्धक, रक्त एवं पेट साफ करता है, पित्त व वायु विकार दूर करता है और मस्तिष्क के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। प्रयोगों में पाया गया है कि कद्दू के छिलके में भी एंटीबैक्टीरिया तत्व होता है जो संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं से रक्षा करता है। इस सब्जी में ‘पेट’ से लेकर ‘दिल’ तक की कई बीमारियों के इलाज की क्षमता है।
कहने-सुनने में भले ही ‘कद्दू’ शब्द का प्रयोग व्यंग्यात्मक रूप में किया जाता हो, लेकिन ‘व्यंजनात्मक’ रूप में इसका प्रयोग बहुत लाभकारी होता है। स्वाद के लिए भी और सेहत के लिए भी। प्रकृति ने अपनी इस ‘बड़ी’ देन में कई तरह के औषधीय गुण समेटे हुए हैं। इसका सेवन स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इस सब्जी में ‘पेट’ से लेकर ‘दिल’ तक की कई बीमारियों के इलाज की क्षमता है। जहां यह हृदयरोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है, वहीं कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक होती है।

कद्दू में मुख्य रूप से बीटा केरोटीन पाया जाता है, जिससे विटामिन ए मिलता है। पीले और संतरी कद्दू में केरोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। बीटा केरोटीन एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर में फ्री रैडिकल से निपटने में मदद करता है। कद्दू ठंडक पहुंचाने वाला होता है। इसे डंठल की ओर से काटकर तलवों पर रगड़ने से शरीर की गर्मी खत्म होती है।

कद्दू लंबे समय के बुखार में भी असरकारी होता है। इससे बदन की हरारत या उसका आभास दूर होता है। कद्दू का रस भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह मूत्रवर्धक होता है और पेट संबंधी गड़बड़ियों में भी लाभकारी रहताहै। यह खून में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक होता है और अग्नयाशय को भी सक्रिय करता है। इसी वजह से चिकित्सक मधुमेह के रोगियों को कद्दू के सेवन की सलाह देते हैं।
हमसे जुड़िए
https://twitter.com/home
https://www.facebook.com/?ref=tn_tnmn
https://www.facebook.com/webmorcha/?ref=bookmarks
https://webmorcha.com/
https://webmorcha.com/category/my-village-my-city/
9617341438, 7879592500,  7804033123

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -webmorcha.com webmorcha.com

Most Popular

Recent Comments