जुलाई 2021 का तुला राशिफल – जानिए इस माह कैसे बीतेगा आपका समय

जुलाई 2021 का तुला राशिफल: इस माह तुला राशि के जातकों के लिए यह महीना औसत से बेहतर रहने की उम्मीद की जा सकती है। कामकाज के लिहाज से समय अच्छा रहेगा, लेकिन आपको अपने आवेश पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। कहीसुनी बातों पर यकीन न करें। अपने स्तर से पुष्ट खबरों पर भी भरोसा करें। विद्यार्थियों के लिए यह महीना आनंददायक और सफलतादायक रह सकता है। गुरुजनों का पूरा सहयोग मिलेगा। उच्च शिक्षा आदि के लिए समय सफलता देने वाला है। प्रेम संबंधों के लिए समय सुखद है। प्रियतम के साथ आपसी समझ बढ़ेगी। रिश्तों में ईमानदारी और भरोसा बढ़ने से प्रेम गहरा होगा। विवाहित जातकों के लिए समय थोड़ी सतर्कता का है। जीवनसाथी के साथ संबंधों को सामान्य रखने के लिए आपको अतिरिक्ति प्रयास करने होंगे।

कार्यक्षेत्र

कामकाज और करियर के दृष्टिकोण से यह महीना अच्छा रहने की उम्मीद है। दशम भाव में मंगल के विराजमान होने के कारण कार्यक्षेत्र में स्थिति अच्छी और सफलतादायक रहने की उम्मीद है। कामकाज के लिए जोश और उत्साह भरपूर बना रहेगा। आपकी ओर से प्रयत्न भरपूर होंगे और उनका लाभ भी मिलेगा। लेकिन मंगल के अपनी नीच राशि में होने और उस पर शनि की दृष्टि होने से कुछ अप्रत्याशित परेशानियां या बाधाएं आ सकती हैं।

आर्थिक

आर्थिक दृष्टिकोण से यह महीना उतार-चढ़ाव के साथ लाभदायक रहने की उम्मीद है। वृहस्पति की आय के भाव एकादश भाव पर दृष्टि है। आर्थिक स्थिति के लिए यह अच्छा रहेगा। आय के नए अवसर खुलेंगे। आय के पुराने स्रोतों से भी धनागमन होता रहेगा। व्यवसाय से आय की स्थिति अच्छी रहेगी। काम-धंधा अच्छा रहने से मन प्रसन्न रहेगा। लेकिन दूसरे भाव में केतु विराजमान है। केतु की उपस्थिति धनागमन को लेकर कुछ चुनौती बढ़ाने का काम करेगी। धनागमन तो होगा, लेकिन आप धन के कुशल प्रयोग में स्वयं को उतने सक्षम नहीं पाएंगे।

जुलाई 2021 का कन्या राशिफल – जानिए कैसे बीतेगा आपका यह महीना

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के लिहाज से समय साधारण रहेगा। शनि और मंगल की आपसी दृष्टि चतुर्थ और दशम भाव पर है। इससे दोनों भावों को वे पीड़ित कर रहे हैं। इसके कारण छाती और कमर में दर्द की संभावना हो सकती है। छाती में संक्रमण के कारण कुछ परेशानी हो सकती है। यदि कमर दर्द आदि के पुराने मरीज हैं तो दर्द उभर सकता है। अष्टम भाव में उपस्थित राहु असंतुलित दिनचर्या देने वाला होगा। रोग आदि में वृद्धि संभव है। पुराने रोग परेशान कर सकते हैं। इसलिए यदि कोई दवाई आदि चल रही हो तो उसको लेकर जरा-सी भी लापरलाही न करें। महीने के पूर्वार्ध में आपको विशेष सचेत रहना है। उत्तरार्ध में स्वास्थ्य में सुधार संभव है। वैसे कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं होगी, लेकिन सतर्कता जरूरी है।

प्रेम व वैवाहिक

प्रेम संबंधों के दृष्टिकोण से यह महीना बहुत आनंददायक और उत्साजनक रहने वाला है। पंचम भाव में बैठे वृहस्पति प्रेम संबंधों में मजबूती देने वाले होंगे। प्रेमी युगल के बीच रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी। एक दूसरे के प्रति वफादारी और ईमानदारी बढ़ेगी। प्रियतम के साथ सुखद समय व्यतीत होगा। एक दूसरे के प्रति समझ विकसित होने की संभावना है। विवाह आदि के लिए भी समझ बनेगी। विवाहित जातकों के लिए समय थोड़ी चुनौती भरा रहने वाला है। मंगल का नीच राशि में होना और शनि से दृष्ट होना दाम्पत्य जीवन के लिए कष्टकारी हो सकता है।

पारिवारिक

पारिवारिक सुख के लिहाज से यह महीना थोड़ा उतार-चढाव भरा हो सकता है। घर-परिवार के सुख में कुछ अड़चनें आ सकती हैं। इसकी वजह है दूसरे भाव में केतु और चौथे भाव में शनि की उपस्थिति। महीने के पूर्वार्ध में मंगल भी दशम भाव से चतुर्थ भाव को देख रहे होंगे। शनि और मंगल दोनों का चतुर्थ भाव पर प्रभाव पारिवारिक सुख के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। पारिवारिक जीवन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति खड़ी हो सकती है। आपको घर-परिवार से किसी कारण दूर जाना पड़ सकता है। यात्रा आदि उसका कारण हो सकते हैं।

उपाय

1- आपको प्रतिदिन भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना करनी चाहिए और श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

2- मां लक्ष्मी अथवा मां जगदम्बा की पूजा करें।श्री सूक्त का पाठ करें।

3 – शुक्रवार के दिन दही, खीर, ज्वार, इत्र, रंग-बिरंगे कपड़े, चांदी, चावल इत्यादि वस्तुएं दान करें।

4- शुक्र बीज मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का 108 बार उच्चारण करें।